त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष रणधीर कुमार मिश्रा को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह (शौर्य) के देकर किया गया सम्मानित ,पुलिसअधिकारियों के मौजूदगी में राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी जी द्वारा प्रदान किया गया

त्रिलोकपुर थाना अध्यक्ष रणधीर कुमार मिश्रा को बेस लगाकर सम्मानित करते शिक्षा मंत्री डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी

डा. जंगबहादुर चौधरी,सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना के थानाध्यक्ष रणधीर कुमार मिश्रा को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह ( शौर्य) देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यों को लेकर गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी मौजूदगी में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी मैं बैच लगाकर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। रणधीर मिश्रा बेहद मिलनसार प्रवृति के एक अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं जो जनता में काफी लोक एवं न्याय प्रिय माने जाते हैं।पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह (शौर्य) के लिए नामित किया गया। जिसे आज 26.1.2021 को पुलिस लाइन सिद्धार्थनगर में माननीय राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी जी, द्वारा प्रदान किया गया। एवं जनपद में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए के लिए प्रशस्ति.पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री दीपक मीणा जी, पुलिस अधीक्षक श्री राम अभिलाष त्रिपाठी जी सहित भारी संख्या में पुलिस विभाग के अन्य अफसर मौजूद रहे । पूर्वांचल क्रांति परिवार थानाध्यक्ष रणधीर मिश्रा को हार्दिक बधाई देता है।

विधानसभा इटवा में आम आदमी पार्टी का ऑक्सिमीटर जांच अभियान जारी

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर आम आदमी पार्टी- उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के द्वारा पूरे प्रदेश में ऑक्सिमीटर द्वार आम जनमानस के ऑक्सीजन लेवल की जांच का अभियान चलाया जा रहा है।


जिसके अंतर्गत आम आदमी पार्टी विधानसभा इटवा की इकाई प्रत्येक दिन गांवों में कैम्प लगा कर व घर-घर जाकर ऑक्सिमीटर द्वारा लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच कर रही है और कोरोना के प्रति जागरूक कर रही है। साफ-सफाई व स्वच्छता को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है।


आम आदमी पार्टी- इटवा के विधानसभा अध्यक्ष मेराजुद्दीन सिद्दीकी व उपाध्यक्ष शैलेष कुमार गौतम की अगुवाई में अभी तक हज़ारों लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच की गई है।

विधानसभा इटवा में ऑक्सीमित्र जमील खान

आप नेता अहसन जमील खान ने बताया कि विधानसभा इटवा में ऑक्सिमित्रों की 10 टीमें प्रतिदिन काम कर रही हैं, जो घर-घर जाकर लोगों का ऑक्सीजन लेवल की जांच कर उन्हें ज़रूरी परामर्श दे रही है।
उन्होंने ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘आपदा में अवसर’ तलाशते हुए इस महामारी में कोरोना घोटाला कर रही है। कम मूल्य के उपकरण महंगे दामों में खरीद रही है। जिसका खुलासा प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस व सांसद में किया जिससे बौखला कर सरकार ने उनपर राजद्रोह का मुकदमा कर दिया और उनकी आवाज़ को दबाने का काम कर रही है।

इस अभियान में नरसिंह गौतम, राम कुमार गौतम, दिलशाद खान, अबू क़िलाब, हरिकेश पांडेय, विनोद कुमार मौर्य आदि शामिल हैं।

पूर्वांचल के सर सैयद डॉ बारी नहीं रहे,शिक्षा जगत को अपूर्णीय क्षति

शिक्षा जगत के महान शख्शियत डॉ अब्दुल बारी नहीं रहे, क्षेत्र में शोक की लहर।

पीपुल्स एलाइंस डॉ अब्दुल बारी खान के निधन पर उनके परिवार में इस दुःख की घड़ी में साथ है।

सिद्धार्थनगर,10 जुलाई 2020: ख़ैर टेक्निकल स्कूल, डुमरियागंज के मैनेजर डॉ अब्दुल बारी खान का लखनऊ में इलाज़ के दौरान रात 12:30 बजे निधन हो गया है।क्षेत्र में डॉ बारी के निधन पर शोक की लहर।डॉ बारी को आज दोपहर दो बजे उनके पैतृक गांव कुड़ऊं बौडीहार में किया जाएगा सुपुर्द ए खाक।

सिद्धार्थनगर जनपद जैसे पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।शिक्षा जगत की एक बड़ी शख्सियत डॉ अब्दुल बारी खान, जिनके जीवन का मात्र एक उद्देश्य शिक्षा को जन जन तक पहुंचाना है।उन्होंने बहतर शिक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।डॉ बारी शिक्षा के ज़रिए वो समाज और देश मे ब्यापक बदलाव के पक्षधर थे।उनका मानना था कि जब व्यक्ति शिक्षित होगा तभी आत्म निर्भर होगा,देश आगे बढ़ेगा।उन्होंने जिला सिद्धार्थ नगर में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की है ।जिसमें गर्ल्स कॉलेज, तकनीकी शिक्षा केन्द्र, इंटर कालेज, पब्लिक स्कूल और अनाथालयों तक की स्थापना शामिल हैं।आखरी वक्त नब्बे साल की उम्र में भी अकलियतों की शिक्षा के लिए जंग लड़ते रहे।सिद्धार्थनगर जनपद उनका शिक्षा के लिए दिया हुआ योगदान कभी नहीं भूलेगा।

आइये जानते हैं डॉ अब्दुल बारी खान के शिक्षा जगत में योगदान के बारे में…

डॉ अब्दुल बारी एक छोटे से गांव, कुड़ऊं बौडीहार में नवंबर 1936 को जन्म हुआ था।फिलहाल डुमरियागंज कस्बा के निवासी हैं।पेशे से चिकित्सक थे, कई सालों तक समाज में चिकित्सक के रूप में सेवा दिया।क्षेत्र को शैक्षणिक रूप से पिछड़ा देख डॉ खान ने तालीम के ज़रिए समाज मे ब्याप्त कुरीतियों और पिछड़े पन को दूर करने का बीड़ा उठाया और अपने मकसद को हासिल करने के लिए पूरे जिले में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।

डॉ बारी ने समाज में लड़कियों को न पढ़ाने की मानसिकता को तोड़ते हुए।लड़कियो को बहतर तालीम देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1984 में डुमरियागंज में गर्ल्स कॉलेज की स्थापना की।गर्ल्स कॉलेज में पूर्वांचल के कई जिलों से लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। गर्ल्स कॉलेज के स्थापना के बाद समाज में शिक्षा के ताने-बाने को देखते हुए अनाथ और गरीब बच्चों के लिए अनाथालय स्कूल की स्थानपा किया।मौजूदा वक़्त में हजारों की तादात में अनाथ और ग़रीब बच्चे छात्रावास में रह-कर मुफ़्त शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

डॉ खान यंही नहीं रुके मौजदा वक्त की तकनीकी, विज्ञान की शिक्षा को देखते हुए, 1995 में ख़ैर टेक्निकल स्कूल/सेंटर का स्थापना किया।जिसमें इंटरमीडिएट तक उच्च शिक्षा दिया जा रहा और मिनी आईटीआई के ज़रिए सिलाई,कढ़ाई,कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार कर आत्मनिर्भर बन गए।ख़ैर टेक्निकल सेंटर युवाओं को रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पीपुल्स एलाइंस के शाहरुख अहमद ने अल्लामा इक़बाल के शायरी से मुखातिब होते हुए कहा कि “हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा”।
पूर्वांचल के सर सैयद डॉ अब्दल बारी साहब एक अज़ीम शख्शियत का हमारे बीच से जाना बहुत दुःखद है। नब्बे साल की उम्र में भी अकलियतों की शिक्षा के लिए जंग लड़ते रहे, हमारे लिए वो प्रेरणास्रोत हैं।शिक्षा जगत में आपका योगदान कभी न भूलने वाला है।हम इस दुःख भरी घड़ी में डॉ बारी के परिवार के साथ खड़े हैं।

अज़ीमुश्शान फ़ारूक़ी ने कहा महान शख्शियत डॉ खान का हमारे बीच से जाना बहुत अफसोसनाक है।शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किया कार्य बहुत महत्वपूर्ण है।

पीपुल्स एलाइंस डॉ अब्दुल बारी खान के परिवार में इस दुःख की घड़ी में साथ है।डॉ खान का पूर्वांचल में शिक्षा के लिए दिया हुआ योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।उनके निधन पर क्षेत्रवासी और शिक्षा जगत में शोक है।

द्वारा जारी-
शाहरुख अहमद
पीपल्स एलाइंस
9455944411

पूर्वांचल विकास मंच की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियो को एवं अन्य एवं बैंक कर्मियो को कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देकर किया गया सम्मानित, कठिन परिस्तिथितियो मे ये अपनी जान की परवाह किए बिना देते रहे सेवा

इटवा, सिद्धार्थनगर। कोरोना महामारी के दौरान अपनी उच्च सेवाएं प्रदान करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं बैंक के अधिकारीयो को। पूर्वांचल विकास मंच की ओर से कोरोना योद्धा सम्मान पत्र वितरित किया गया।
इटवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा अधीक्षक इटवा डॉ वी के वैद्य ने कहा कि योग विद्या द्वारा शरीर की ऊर्जा को बढाने तथा प्राचीन देशी नुस्खों का प्रयोग कर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए सही आहार लें तथा सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखें, मास्क का सदैव प्रयोग करें। पूर्वांचल विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल सोनी ने कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देकर चिकित्सा अधीक्षक इटवा डॉ वी के वैद्य को सम्मानित किया। इसी क्रम में डॉ संजय गुप्ता, डॉ आर पी गोड़ , डॉ देवेश कुमार सिंह, डॉ संतोष कुमार राय, डॉ जमील अहमद, डॉ अनिल मिश्रा, डॉ संदीप द्विवेदी,आशुतोष कुमार शुक्ला, फार्मासिस्ट अमित कुमार मिश्रा, नरेंद्र मीणा, स्टाफ नर्स मालती देवी, नीरज मीणा, इसी क्रम में बड़ौदा यूपी बैंक इटवा शाखा में बैंक अधिकारी अंकित श्रीवास्तव, अभय दीप श्रीवास्तव, भूपेंद्र प्रताप सिंह, आशीष मिश्रा, श्रवण पाल को सम्मान पत्र देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सम्मानित किया गया। पूर्वांचल विकास मंच के उप संरक्षक डॉ निसार अहमद खां, आशुतोष सिंह, आदि उपस्थित रहे।

पूर्ति निरीक्षकों ने अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के कार्ड का किया जाँच, पात्र गृहस्थी 73, अन्त्योदय 35 सहित 108 लोगों का लिया गया बयान


  • सरताज आलम
    शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर
    विकास खण्ड शोहरतगढ़ के ग्राम पंचायत गड़ाकुल के उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अल्ताफ हुसैन द्वारा अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को कम खाद्यान्न देने व अधिक रुपये लेने सम्बन्धी शिकायतों की जाँच के लिए पूर्ति निरीक्षक शोहरतगढ़ व पूर्ति निरीक्षक बढ़नी द्वारा अन्त्योदय के 35 कार्ड धारक व पात्र गृहस्थी के 73 कार्ड धारकों का बयान लिया गया। कोरोना वायरस व लॉक डाउन के दौरान कार्ड धारकों से लिये जा रहे बयान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क, सेनिटाइजर आदि का भी ध्यान रखा गया। ताकि कोरोना वायरस से बचाव हो सकें और बयान स्थल पर लोगों की भीड़ इकट्ठा ना हो सकें। बताते चलें कि समय-समय पर खाद्यान्न वितरण के अलग-अलग व्यवस्था बनाई जाती है। पूर्ति निरीक्षक शोहरतगढ़ रामसेवक यादव व पूर्ति निरीक्षक बढ़नी संजीत कुमार ने बताया कि कुल 108 लोगों का बयान लिया गया है। बयान के आधार पर कार्यवाई की जायेगी। इस दौरान ग्राम प्रधान गड़ाकुल श्यामसुंदर चौधरी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप संबंधित कोटेदार खाद्यान्न का वितरण करें ताकि लोगों को किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े। वहीं बयान के दौरान शिकायतकर्ता अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से दवा विक्रेता समिति इकाई इटवा ने अपनी सदस्यता समाप्त की

इटवा- सिद्धार्थनगर

दवा व्यवसायियों के हितों के लिए बने केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट असोसिएशन से इटवा यूनिट ने खुद को अलग करते हुए असोसिएशन पर निष्क्रिय एंव उद्देश्य विहीन होने के बड़े आरोप लगाए। इटवा यूनिट के द्वारा दिये गए पत्र के अनुसार दवा विक्रेताओं की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बनी संघठन निष्क्रिय हो चुकी है। इसलिए यूनिट का इस संगठन में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

कोरोना और लॉकडाउन के बाद आयेगी डिजिटल क्रांति – अहमद सुहेल

इन दिनों कोविड-19 यानि कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया मे कोहराम मचा रखा है। साल 1918 और 1920 कि बीच इन्फ्लूएंजा नामक फ्लू ने दुनिया की लगभग एक तिहाही आबादी को अपनी चपेट में ले लिया था जिसमे करीब 2 से 5 करोड़ लोगो की मौत हुई थी। तकरीबन 100 साल के बाद आज फिर एक बार पूरी दुनिया कोविड-19 जैसी खतरनाक वैश्विक महामारी से जूझ रही है जिसके चलते सभी देशों ने लॉकडाउन लागू कर रखा है। नौजवान पीढ़ी स्वतंत्रता आंदोलन, नेशनल इमरजेंसी और माहमारीयों से देश मे आये संकट के बारे में केवल किताबों में पढ़ते थे। लेकिन आज हम इस वैश्विक महामारी से लड़ रहे हैं। 21वीं सदी की पीढ़ी के लिए यह एक बेहद अनोखा और नया अनुभव है। लॉकडाउन का सबसे ज़्यादा असर कारोबार पर पड़ा है, राशन की दुकानें, मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पम्प को छोड़ सभी कारोबार बंद है ऐसे में दुनिया भर में 95℅ से ज़्यादा लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस वैश्विक महामारी का अब तक कोई स्थाई उपाय नही निकला है। सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी को ही अब तक कोरोना का बचाव और इलाज माना गया है।

सामाजिक दूरी का यह चलन अगले 1 से 2 वर्षों तक रहेगा ऐसे में सभी तरह के कारोबार के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को संचालित करना एक चुनौती होगी। लेकिन राहत देने वाली बात यह कि आज दुनिया भर में 4जी नेटवर्क के साथ इंटरनेट मौजूद है कही कही 5जी नेटवर्क की बाते भी सुनने में आने लगी है। कोरोना, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के कारण अगले कुछ समय मे ऑनलाइन ट्रेडिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन एजुकेशन, ऑनलाइन बैंकिंग, क्रिप्टो करेंसी, डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग आदि का चलन बढ़ेगा। कुल मिलाकर पूरी दुनिया में डिजिटल क्रांति का बिगुल बजेगा। पारंपरिक तरीके से बिजनेस करने वाले लोगो को भी समय के साथ बदलना होगा जैसे, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए विभिन पोर्टलों जैसे phoneपे, गूगल-पे, पेटीएम आदि से जुड़ना होगा अन्यथा डिजिटल क्रांति के युग मे उनका व्यापार निश्चित तौर पर प्रभावित होगा।

ग्रासरी, किचन अप्लिकेन्ट्स, डेली नीड्स, रेडीमेड गारमेंट्स, स्पोर्ट, बुक्स एंड स्टेशनरी, होम डेकोर, पर्सनल केयर आदि से जुड़े कारोबारियों को अपने आउटलेटस के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से भी जुड़ना होगा या यूं कहें कि कोरोना के साथ हमे जीना सीखना होगा। क्योंकि कोविड-19 का भय इतनी आसानी से नही खत्म होगा। कोरोना और लॉकडाउन के बीच परवान चढ़ने वाली डिजिटल क्रांति में सबसे पहले स्कूल और कॉलेजों ने क़दम रखा है कई स्कूलों ने लॉकडाउन के पीरियड में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की हैं। एक अख़बार में छपी खबर के मुताबिक़ इग्नू के कुलपति प्रो० नागेश्वर राव ने कहा कि हमारे शिक्षकों और अन्य स्टाफ ने बेहद प्रभावी तकनीक का उपयोग करके शिक्षार्थियों तक पहुंचने के लिए लॉकडाउन के इस अवसर का उपयोग किया है। फेसबुक लाइव समेत विभिन्न ऑनलाइन माध्यम को अपना कर सैकडों छात्रों के साथ ही 10 लाख दर्शकों तक पहुंचे हैं। एक महीने के इस कार्यकाल में लगातार छात्रों को ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था से जोड़े रखा है। छात्रों को रेडियो के माधयम से भी कक्षाओं से जोड़े रखा। 

हमारे यहां यह कहावत काफी प्रचलित है कि ‘प्रत्येक चुनौती अपने साथ कुछ नए अवसर भी लाती है’ जरूरत है कोरोना और लॉकडाउन जैसी चुनौती के कारण पैदा हुए अवसर को पहचानने और उनका लाभ उठाने की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बहुत से स्कूल, कॉलेज, विश्विद्यालय, कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट, कोचिंग इंस्टीट्यूट, आईटीआई ट्रेनिंग सेंटर्स और भी बहुत से शैक्षिक संस्थान ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का प्लान कर रहे हैं सभी शिक्षण संस्थान इस बात की योजना बना रहे हैं कि शिक्षण और परीक्षण का कौन सा भाग ऑनलाइन संचालित किया जा सकता है और कौन सा नही। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोरोना वायरस बाधक न बने इसका भरसक प्रयास किया जा रहा है। डिजिटल क्रांति से जहां एक तरफ आप इस खतरनाक बीमारी ने बचेंगे वही दूरी तरफ ट्रांसपोटेशन में लगने वाले समय और धन की भी बचत करेंगे। तो तैयार हो जाइए डिजिटल क्रांति की दुनिया से क़दम ताल करने के लिए।

अहमद सुहेल

(लेखक पूर्वांचल साहित्य महोत्सव के संस्थापक और एडवर्टाइज़िंग एवं डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट हैं)

3 माह तक स्कूल फीस व बिजली बिल माफ करे यूपी सरकार- जमील खान

देश में कोरोना महामारी की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है, लोगों के कारोबार बंद हैं, लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लोगों को परिवार चलाने का संकट है, ऎसे समय प्रदेश में निजी स्कूलों के मालिक अभिभावकों से फीस के लिए लगातार मैसेज व दबाव बना रहे हैं जो सरासर ग़लत है। ऐसी शिकायतें भी आ रही हैं कि स्कूल किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को बुकसेलर का नाम बता रही है, जिससे मोटा कमीशन कमाया जा सके। सरकार संकट के समय में बच्चों की 3 माह की फीस माफ करे, साथ ही कमर्शियल एवं घरेलू बिजली के 3 माह के बिलों को भी सरकार माफ करे।

प्रदेश में जितने भी प्राइवेट स्कूल हैं, उन्हें यह निर्देशित किया जाए कि वे अगले 3 महीनों तक स्कूलों की फीस माफ करें। निजी स्कूल जो फीस को लेकर अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं उन्हें रोका जाए। बंदी की वजह से लोगों के सामने परिवार चलाने का संकट है और इस समय बिजली का बिल व बच्चों की फीस जमा कर पाने में परेशानी होगी।
ऑनलाइन ट्रेनिंग के नाम पर व्हाट्सएप द्वारा शिक्षा मात्र एक छलावा-
प्रशासन द्वारा स्कूलों को ऑनलाइन ट्रैनिंग के लिए निर्देश दिया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप बना कर नोट्स शेयर कर अपनी ज़िम्मेदारी से छुटकारा पा जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिन छात्रों को स्कूलों में रेगुलर पढ़ाने के बाद भी ट्यूशन करवाना पड़ता था वो व्हाट्सएप पर लिखे हुए नोट्स से क्या समझेंगे! ऑनलाइन स्कूलिंग एक अच्छा विकल्प है सरकार इसको बढ़ावा दे, परंतु जो गरीब छात्र जिनके पास टेबलेट या स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए भी सरकार समुचित व्यवस्था करे जिससे वो अपनी पढ़ाई में पीछे न रह जाएं।
प्रशासन को चाहिए कि सेंट्रलाइज्ड स्टडी मैटेरियल्स और ऑनलाइन शिक्षण तकनीक विकसित कर स्कूलों को दे जिसका प्रयोग कर स्कूल अपने छात्रों को ऑनलाइन स्कूलिंग करवा सकें। व्हाट्सएप की ये पढ़ाई छात्रों के लिए सिर्फ धोखा है।

यह बातें आम आदमी पार्टी के सिद्धार्थनगर जिला उपाध्यक्ष अहसन जमील ने लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कही हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें और घर से बाहर न निकलें और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें।

तहसीलदार शोहरतगढ़ राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता मे थाना शोहरतगढ़ में सोशल distencing का पालन करते हुए NGO प्लान इंडिया के सहयोग से ग्राम अटकोनिया, डोहरिया खुर्द,डोहरिया बुजुर्ग,सेमरा,इटवा भट्ट, गराकुल, महथा,लेदवामाफी, मेंजगहड़ा, महलि, नीबी तप्पा बंजहरा, भदाव,मदहरणखास,गोल्हौरा मुस्तहकम तथा हलौरा के 104 परिवारों में चावल,दाल,आटा, सरसो तैल, विस्कीट, मास्क,मसाला,hygine बस्तुओं की पूरी फैमिली किट विकलांगो,विधवाओं,गरीब,असहाय, राशन कार्ड बिहीन लोगो मे थाना अध्यक्ष सोहरतगढ़ रामाशीष यादव जी,लेखपाल पूजा,संध्या पांडेय,राम कुमार तिवारी के सहयोग से वितरित कराया गया

शोहरतगढ़ , सिद्धार्थनगर । थाना सोहरतगढ़ में सोशल distencing का पालन करते हुए NGO प्लान इंडिया के सहयोग से ग्राम अटकोनिया, डोहरिया खुर्द,डोहरिया बुजुर्ग,सेमरा,इटवा भट्ट, गराकुल, महथा,लेदवामाफी, मेंजगहड़ा, महलि, नीबी तप्पा बंजहरा, भदाव,मदहरणखास,गोल्हौरा मुस्तहकम तथा हलौरा के 104 परिवारों में चावल,दाल,आटा, सरसो तैल, विस्कीट, मास्क,मसाला,hygine बस्तुओं की पूरी फैमिली किट विकलांगो,विधवाओं,गरीब,असहाय, राशन कार्ड बिहीन लोगो मे तहसीलदार सोहरतगढ़ द्वारा थाना अध्यक्ष सोहरतगढ़ रामाशीष यादव जी,लेखपाल पूजा,संध्या पांडेय,राम कुमार तिवारी के सहयोग से वितरित कराया गया।प्लान इंडिया के नोडल अधिकारी उत्पल दुबेजी मौके पर मौजूद रहे,unohne बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देश के अनुपालन में पूरे जिले की पांचो तहसील में फर्स्ट फेज में 1000 परिवारों में फैमिली किट बांटी जानी है।थाने पर आयी समस्त जनता ने जिला प्रशासन के साथ साथ तहसील प्रशासन एवं उत्पल दुबे जी को दिल से धन्यबाद दिया और कहा करते रहे ऐसा काम।

Coronavirus: लखनऊ के KGMU में भी प्लाज्मा थेरेपी शुरू, कोरोना को हराने वाले डॉक्टर तौसीफ खान होंगे सबसे पहले डोनर,सिद्धार्थ नगर जनपद के है स्थायी निवासी

बढ़नी, सिद्धार्थनगर।

शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के विकास खंड बढ़नी के ग्राम अकरहरा के रहने वाले है डॉक्टर तौसीफ खान वर्तमान में केजीएमयू लखनऊ में रेजिडेंट चिकित्सक हैं। KGMU में कोरोना संक्रमित मरीज का इलाज करते समय वह खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए थे,अब वो कोरोना वायरस को मात देकर पूरी तरह ठीक होकर फिर कार्य भार संभाल चुकें हैं।

कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए (KGMU)लखनऊ में प्लाज्मा थेरेपी की प्रक्रिया शनिवार से आरंभ हो गई और केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर तौसीफ खान पहले ऐसे व्यक्ति होंगे जो अस्पताल में इस कार्य के लिए अपना प्लाज्मा दान करेंगे इस पुनीत काम के लिये उन्होंने शनिवार को माहे रमजान के पवित्र महीने का पहला दिन रोजा रखकर अपने रक्त का नमूना केजीएमयू को दिया है। उनके रक्त की जांच ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में हो रही है, जांच के बाद सब कुछ ठीक पाए जाने पर डॉ. खान के शरीर से प्लाज्मा लिया जाएगा जो कोरोना वायरस से संक्रमित कम से कम दो गंभीर मरीजों के इलाज में काम आएगा।
केजीएमयू की ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. तूलिका चंद्रा ने शनिवार को बताया, ‘‘केजीएमयू में प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर रोगियों के इलाज पर काम शनिवार से शुरू हो गया. इस सिलसिले में केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर तौसीफ खान के रक्त का नमूना लिया गया है. वह संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो गए हैं. इस नमूने की जांच में हम उनके रक्त में एंटी-बाडीज की क्या स्थिति है, उसकी जांच करेंगे. उसके बाद हम उनके शरीर से 500 मिलीलीटर प्लाज्मा ”प्लाज्मा फेरेसिस” विधि से निकालेंगे. इस प्रकिया में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगेगा. इसके बाद हम इस प्लाज्मा को स्टोर कर लेंगे.”

डॉ. खान के रक्त की जांच के बाद उनके रक्त से प्लाज्मा निकालने की प्रक्रिया रविवार को की जा सकती है. उन्होंने बताया, ‘‘इस प्लाज्मा को हम स्टोर कर लेंगे और गंभीर मरीज को इस प्लाज्मा में से 200 मिलीलीटर प्लाज्मा चढ़ाया जाएगा. यानी एक मरीज के प्लाज्मा से दो मरीजों को ठीक किया जा सकता है.” डॉ. चंद्रा ने बताया कि अगर पहली बार 200 मिलीलीटर प्लाज्मा चढ़ाए जाने से मरीज में सकारात्मक परिणाम नहीं दिखता है, तो उसमें दोबारा 200 मिलीलीटर प्लाज्मा चढ़ाया जाएगा. केजीएमयू के डॉ. खान में एक संक्रमित मरीज के संपर्क में आने के बाद 17 मार्च को संक्रमण की पुष्टि हुई थी. वह सात अप्रैल को केजीएमयू से ठीक होकर अपने घर में 14 दिन के लिये पृथक-वास में रहे थे. अब वह एक बार फिर केजीएमयू में अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं.

डॉ. खान ने कहा, ‘‘मुझसे कोविड-19 मरीजों की जांच कर रहे मेडिसिन विभाग के डॉ. डी. हिमांशु ने पूछा कि क्या मैं प्लाज्मा दान करने वाला पहला व्यक्ति बनना चाहूंगा. मैंने तुरंत हां कर दी क्योंकि रमजान के पवित्र महीने में अगर मैं किसी मरीज की जान बचाने के काम आ सकूं तो इससे बेहतर क्या होगा. मैंने शनिवार को अपना पहला रोजा रखने के दौरान अपना रक्त परीक्षण के लिये दे दिया.” डॉ. हिमांशु ने बताया, ‘‘डॉ. खान का रक्त परीक्षण के लिये ले लिया गया है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की टीम शनिवार शाम या रविवार को उनका प्लाज्मा निकालेगी.” डॉ. चंद्रा के मुताबिक प्लाज्मा निकालने के बाद इसे अन्य गंभीर मरीजों में इसे चढ़ाने की प्रक्रिया सोमवार या मंगलवार को शुरू हो सकती है|