कई गांवों को जोड़ने वाली लिंक मार्ग गड्ढों में तब्दील , राहगीर अक्सर इस मार्ग पर गिरकर होते रहते हैं चोटिल , सिंगवारे, गजहड़ा, लेदवा, नहरी व मड़वा आदि गांवो को जोड़ने वाली है यह लिंक मार्ग

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सरताज आलम
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। लगातार विकास की बात कर रही सरकार गड्ढा मुक्त प्रदेश की तरफ अग्रसर है, परंतु कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क जो की मड़वा से नहरी, गजहड़ा, लेदवा, सिंगवारे आदि गांवों का लिंक मार्ग अभी तक गड्ढा मुक्त नहीं हो सका है। कई बार शासन को बताने के बावजूद भी यहां के लोगों की समस्या का निवारण नहीं हो पाया है। मड़वा निवासी विनोद दूबे (गुड्डू), विश्वम्भर नाथ दूबे, संतोष दूबे, प्रेम नरायन यादव, शिवभुवाल दूबे, फूलचंद चौधरी, सोभा चौधरी, पराग राम यादव, पुरुषोत्तम एवं नहरी निवासी मन्नू गोस्वामी, कृष्णा मौर्य, विश्राम गोस्वामी, विश्वनाथ साहनी, भाकियू अध्यक्ष निराला मौर्य, जग्गू (बाबा) गोस्वामी, गोदई व गजहड़ा निवासी यार मोहम्मद, बदरे आलम आदि ने शुक्रवार बारिश के बाद गड्ढे और तालाब में तब्दील हुए सड़क की समस्या के बारे में संवाददाता के माध्यम से विधायक व सांसद महोदय से पीडब्ल्यूडी के द्वारा टुटे हुए सड़क का निर्माण कराने का अनुरोध किया। वहां के निवासियों ने बताया की इस सड़क का निर्माण वर्ष 2002 के पहले शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविन्द्र प्रताप चौधरी के कार्यकाल में किया गया था। तब से आज तक इस सड़क पर कोई मरम्मत नहीं की गई। इस सड़क पर साइकिल, मोटरसाइकिल से चलना तो दूर की बात बरसात के समय में पैदल चलना भी खतरों से खाली नहीं है। लोगों को यात्रा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क ठीक ना होने की वजह से जगह-जगह बने बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। जिसकी वजह से रात में निकलना खतरनाक हो जाता है फिसलन व कीचड़ के कारण बच्चे व बुजुर्ग कई बार इन गड्ढों के शिकार हो चुके हैं। यदि इसे जल्द से जल्द ठीक नहीं कराया गया तो बरसात में यह सड़क किसी बड़ी दुर्घटना को घटित कर सकती हैं। जिसकी वजह से जान माल का खतरा हो सकता है। मड़वा, नहरी, गजहड़ा, सिंगवारे लेदवा गांव वालों का का कहना है। कि नेताओं द्वारा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। परंतु ना तो सांसद न ही विधायक द्वारा अभी तक उनकी इस एकमात्र समस्या, जिसका समाधान जो कि उन्हीं के द्वारा होना है। क्योंकि यह लिंक मार्ग है और पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आता है, का समाधान नहीं किया गया। बार-बार केवल आश्वासन दिया जाता है। परंतु कोई ठोस कदम इस समस्या के निवारण हेतु अभी तक नहीं उठाया गया है। जो की यह सड़क कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकती है। यदि समय रहते इन समस्याओं की तरफ ध्यान न दिया गया तो परिणाम निश्चित ही दुखद हो सकता है।

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