शौचालय निर्माण में ग्राम प्रधान व सेके्रटरी की मिली भगत से हो रहा खेल , जिनके घर पहले से बना है शौचालय उनका नाम सूची में डाल कर दिया रहा लाभ ,इटवा विकास क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिसवां बुजुर्ग व रसूलपुर का मामला

इटवा , सिद्धार्थनगर। स्थनीय विकास क्षेत्र में इन दिनों कई ग्राम प्रधान व सेके्रटरी शौचालय निर्माण कार्य में भारी अनियमितता कर सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगे है। जिससे एक तरफ सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है वहीं दूसरे तरह सरकार के महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लग रहा है। ताजा मामला इटवा विकास क्षेेेेेेेत्र के ग्राम सिसवां बुजुर्ग का है। यहां ग्राम प्रधान के चहेतो का योजना का दोहरी लाभ देकर सरकारी धन का बंदर बांट किया जा रहा है। बताते चले कि ग्राम सिसवां बुजर्ग में कई ऐसे लोग है जिनके यहां पहले शौचालय बना हुआ है बावजूद उनका नाम पुनः सूची में डाल कर जिम्मेदार उन्हे शौचालय निर्माण के मद में आये धन के भुगतान के योेेेेेेेेेजना में प्रयासरत है। वहीं क्षेत्र के ग्राम पंचायत रसूलपुर के टोला सलवनजोत में देखा जाय तो गांव बगीचे के पास अभी दो मकान एक पूर्ण और एक अधूरा है। बावजूद वहां 5 से अधिक शौचालय बनाकर धन का बंदर बांट कर लिया गया है। यह भी बताया जाता है कि इन गांव में ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान द्वारा एक ठेकेदार को शौचालय निर्माण कार्य ठेके पर दे रखा है जो कमीशन दे रहा है। सिसवां बुजर्ग में आलोक कुमार शुक्ला के घर पहले से शौचालय बना हुआ है। बावजूद आलोक कुमार व उनके पिता दीनानाथ शुक्ल का अलग अलग पात्रता सुची में नाम दर्ज है। जब कि आलोक कुमार का संयुक्त परिवार है जिसमें पिता जी मुखिया है। वहीं भारी संख्या में लोगो का नाम सूची में न होने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की यह योजना ग्राम प्रधान व सेके्रटरी के लिये अबैध कमाई का जरिया बना हुआ है।

कॉलेज के प्रबंधक शब्बीर अहमद ने तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी को तहरीर देकर हल्का लेखपाल कमलेश मिश्रा पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप

इटवा, सिद्धार्थ नगर

कॉलेज के प्रबंधक शब्बीर अहमद और हल्का लेखपाल कमलेश मिश्रा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सम्बंधित मार्ग, जहां गड्ढा और जल-जमाव है

अल-फ़ारूक़ इण्टर कॉलेज के प्रबंधक शब्बीर अहमद ने आज तहसील दिवस के मौके पर हल्का लेखपाल कमलेश मिश्रा के खिलाफ तहरीर दिया है। प्रबंधक शब्बीर अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व में लेखपाल एक नवीन परती पर कब्ज़ा करने संबंधित नोटिस देकर पैसे की मांग कर रहा था। जबकि वहां ऐसा कोई कब्ज़ा नहीं था। इस संबंध में जांच के बाद तहसीलदार इटवा ने कॉलेज प्रबंधक के पक्ष में फैसला देते हुए संबंधित लेखपाल को फ़र्ज़ी नोटिस देने पर कोट भी किया था।
प्रबंधक शब्बीर अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व मामले को तहसीलदार के द्वारा फैसला देने के बाद लेखपाल ने जान-माल की धमकी दी थी और हर स्तर पर नुकसान पहुंचाने की बात की थी।

लेखपाल द्वारा दिए गए चकरोड कब्ज़ा संबंधित नोटिस और आनन-फानन में की गई कार्यवाही इसी व्यक्तिगत द्वेष की भावना से की गई है।

उपजिलाधिकारी इटवा को बताते हुए कहा कि चकरोड या किसी अन्य मार्ग को बाधित नहीं किया गया है। जिस मुख्य मार्ग के संबंध में कार्यवाही का आदेश है वहां गड्ढे और पानी का जमाव है। लेखपाल द्वारा तथाकथित ग्रामवासियों की शिकायत पर कार्यवाही करने की बात गलत है। चारो तरफ कॉलेज की ज़मीन है बीच में रास्ता की ज़मीन है, जिस पर गड्ढे और जल-जमाव है। उस रास्ते से कभी किसी का आवागमन नहीं रहा है। ज़रूरत पड़ने पर ग्रामीण कॉलेज की ज़मीन से आते-जाते रहे हैं।

कॉलेज प्रबंधक ने उपजिलाधिकारी एंव तहसीलदार से जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है।

इस संबंध में तहसीलदार इटवा ने अन्य लेखपाल की टीम गठित कर इस मामले की जांच की बात कही है।

क्षेत्र में एक शिक्षण संस्थान के संबंध में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से लोगों में सुगबुगाहट पायी जा रही है। इसी कॉलेज के प्रबंधक पर पूर्व में लगाये गए आरोप पर तहसीलदार द्वारा कॉलेज के पक्ष में फैसले के बाद शुभ-चिंतकों और पढ़े-लिखे वर्ग ने राहत की सांस ली थी। अब लेखपाल द्वारा एक नए राजस्व संबंधित कार्यवाही से लोग चिंतित हैं और तरह तरह के कयास लगा रहे हैं।

उपरोक्त कॉलेज में लगभग 6000 छात्र एंव छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं, इस तरह के मामलों पर कॉलेज स्टाफ वहां पढ़ रहे छात्र एंव छात्राओं के साथ साथ उनके अभिभावक भी चिंतित हैं।

कई अभिभावकों का कहना है अगर इस तरह का कोई मामला है तो उसकी जांच करने के पश्चात न्यायसंगत कार्यवाही करनी चाहिए। बार-बार मीडिया और अन्य दैनिक अखबारों के माध्यम से कॉलेज की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

तुलसियापुर चौराहे के पास स्थित विवादित जमीन के धोखाधड़ी के आरोप में चार लोग गिरफ्तार

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। ढ़ेबरुआ थानाक्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे के पास स्थित विवादित जमीन के मामले में धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने चार लोगों गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक के अपराध नियंत्रण के लिए दिये गये आदेश व क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ के पर्यवेक्षण में तुलसियापुर चौराहे के पास स्थित करोड़ों की जमीन पर गलत कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करने के कारण दुधवनिया निवासी जिल्लुर्रहमान की तहरीर पर ढ़ेबरुआ पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ भादसं की धारा संख्या 419,420,468,469,471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें शनिवार शाम को ढ़ेबरुआ थानाक्षेत्र के बसावन पाकर उर्फ मदरहिया के रहने वाले लड्डन खां पुत्र सादुल्लाह खां, परवेज व रफीक खां पुत्रगण लड्डन खां, ढे़बरुआ थानाक्षेत्र के महादेव बुजुर्ग निवासी अनीस अहमद पुत्र सरफुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक बसावन पाकर उर्फ मदरहिया में स्थित करोड़ोंकके 28 बीघे जमीन का विवाद 2014 से ही चला आ रहा है। दोनों पक्षों की तरफ से प्रदेश के कई दिग्गज राजनीतिज्ञों ने इस मामले में जोर लगाया था। इस संबंध में ढ़ेबरुआ थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलानन्द उपाध्याय ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश एवं सबूत एवं साक्ष्य के आधार पर विधिक कार्यवाई किया गया है।

लेखपाल इटवा ने कॉलेज प्रबंधक को दी फोन पर धमकी

विशेष संवाददाता

इटवा- सिद्धार्थनगर

“नोटिस दी थी उसे दबवा दिया, देखता हूँ कौन बचाता है। तुमको तबाह करके रख दूंगा।” यह धमकी बुधवार रात सवा नौ बजे के लगभग एक चर्चित लेखपाल ने कस्बा के अलफारूक़ इण्टर कालेज के प्रबंधक को फोन पर दे डाली। 

जानकारी के अनुसार इटवा का एक चर्चित बेलगाम लेखपाल कमलेश मिश्रा अलफारूक़ इण्टर कालेज के प्रबंधक के नाम गत 28 जून 2018 को एक रिपोर्ट बना कर तहसीलदार इटवा के माध्यम से 29 जून 2018 को एक नोटिस भेजता है। जिसमें कहा गया था कि गाटा संख्या 432/0.064 हे।जमीन राजस्व अभिलेख में नवीन परती दर्ज है। जिसे कॉलेज गत नौ वर्ष से कब्जा करके कालेज के प्रयोग में ले रहा है। जिससे सरकार को लाखों की क्षति हो रही है।

नवीन परती जिसके संबंध में नोटिस दी गयी

बताया जाता है कि यह चर्चित लेखपाल इस नोटिस के आड़ में अनाधिकृत पैसे की मांग प्रबंधक से कर रहा था। जबकि कॉलेज प्रबंधन के अनुसार परती ज़मीन खाली पडी है, सभी कंस्ट्रक्शन का काम कॉलेज की ज़मीन पर हुआ है और सरकारी जमीन पर किसी तरह का कब्ज़ा नहीं है।जमीन खाली पडी है। 

इस पूरे प्रकरण की तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने जांच किया, जांच में जमीन खाली मिली जिस पर घास उगी है। बाउंडरी वाल और कॉलेज की बिल्डिंग कॉलेज की ज़मीन पर पायी गयी।

घास उगी हुई सरकारी ज़मीन एंव कॉलेज की ज़मीन पर बाउंडरी वाल

इस संबंध में बात करने पर तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने बताया कि मैंने जांच करके तीन पन्ने की जजमेंट दिया है। लेखपाल की रिपोर्ट फर्जी पायी गयी है। इसके लिए मैंने लेखपाल और कानूनगो को चेतावनी भी जारी किया था कि भविष्य में ऐसी फ़र्ज़ी रिपोर्ट से किसी को परेशान न करें।
बताया जाता है स्कूल प्रबंधक से अवैध धन की मांग में असफल होने पर चर्चित लेखपाल ने मोबाइल फोन पर ऐसी धमकी दी है। सूत्रों के अनुसार प्रबंधक पर दबाव बनाने और वसूली में सफल होने के लिए नोटिस, कार्यवाही वाली खबर का वाट्सअप ग्रुप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया साइट पर खूब प्रचार किया गया। कुछ तथाकथित अखबारों में झूठी खबरें प्रकाशित करवायी गयी। जिसके बारे में तहसीलदार ने बताया कि ऐसी कोई खबर के लिए किसी को भी ब्रीफ नहीं किया गया है।
इस सम्बंध में अलफारूक़ इंटर कालेज के प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद पुत्र अबुल हसन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रात में लेखपाल द्वारा धमकी मिलने के बाद मौखिक रूप से सूचना मैंने तहसीलदार इटवा, उपजिला अधिकारी इटवा व थाना अध्यक्ष इटवा को दिया था। आज लिखित शिकायत भी कर दी गयी है। आगे की विधिक कार्यवाही के लिए अधिवक्ता से परामर्श लिया जा रहा है। यदि भविष्य में मेरे साथ कोई घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार सम्बंधित लेखपाल ही होगा।
भाजपा सरकार भय, भूख और भ्रष्टाचार समाप्त करने का नारा देती है। ऐसे में देखना है कि सरकार अवैध रूप से नोटिस की आड़ में पैसों के लिए दबाव बनाने वाले इस लेखपाल पर क्या कार्यवाही करती है।

आलफारुक इंटर कालेज के प्रबन्धक पर अबैध अत्रिकमण का आरोप , तहसील प्रशासन ने नोटिश भेज कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का दिया आदेश , लेखपाल कमलेश मिश्रा की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने की कार्यवाही

इटवा, सिद्धार्थनगर। तहसील क्षेत्र इटवा के अन्तर्गत ग़ाम.अमौना तप्पाकोट, थाना.इटवा मे संचालित अल फारुक इन्टर कालेज के प़बन्धक श्री शब्बीर अहमद द्वारा राज्य सरकार की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किये जाने का मामला प़काश मे आया है।ज्ञातव्य हो कि क्षेत्रीय लेखपाल श्री कमलेश प़साद मिश्र द्वारा प़ेषित रिपोर्ट के आधार पर ग़ाम अमौना तप्पा कोट तहसील इटवा जनपद सिदार्थनगर मे स्थित गाटा संख्या 432/0.064   के खाते में राजस्व अभिलेखों मे वर्तमान में अंकित है एंव राज्य सरकार की सम्पत्ति है। उक्त राजकीय सम्पत्ति पर श्री शब्बीर अहमद पुत्र अबुल हसन मूलनिवासी ग़ाम.करही थाना. गोल्हौरा हाल मुकाम.इटवा थाना.इटवा द्वारा लगभग 9 वर्ष पूर्व से अवैधानिकध रुप से पक्की बाउंड्रीवाल लगाकर स्वयं के व्यक्तिगत संस्था अल फारुक इन्टर कालेज संचालित किया जा रहा है। जिससे राज्य सरकार के लाखों की सम्पत्ति का क्षति किया जा रहा है। तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल द्वारा लेखपाल की रिपोर्ट दिनांक 28.06-2018 पर त्वरित गति से कार्यवाही करते हुए उक्त अवैध अतिक़मणी एंव संस्था प़बन्धक श्री शब्बीर अहमद को दिनांक 29-06-2018 को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के अन्दर उक्त अवैध अतिक़मण स्वतः हटा लेने हेतु आदेशित किया है औऱ कहा है कि उक्त र्निधारित अवधि मे उक्त अवैध अतिक्रमण न हटाये जाने की दशा में प़शासन द्वारा बलपूर्वक हटा दिया जायेगा।क्षेत्रीय लेखपाल श्री कमलेश प़साद मिश्र द्वारा की गई इस कार्यवाही से क्षेत्र के भू.माफियाओं मे जहाँ हडकम्प मचा हुआ है ।

लाखो की लागत से बना पंचायत भवन झाड़ियों में तब्दील ,खुनियांव विकास क्षेत्र के रेहरा उर्फ भैसाही में जर्जर हो गया पंचायत भवन

मेराज़ मुस्तफा

बढ़या.सिद्धार्थनगर/खुनियांव विकास खण्ड के ग्राम पंचायत रेहरा उर्फ भैसाही में बना पंचायत भवन जीर्ण.शीर्ण अवस्था मे पहुंच गया है।लाखों की लागत से नौ वर्ष पूर्व जब गाँव मे पंचायत भवन का निर्माण कराया गया तो ग्रामवासियों में एक आशा की किरण जगी कि अब छोटे मोटे कामों के लिये ब्लॉक का चक्कर नही लगाना पड़ेगा और ग्राम पंचायत कार्यालय से ही जन्म.मृत्यु पंजीकरण के साथ परिवार रजिस्टर की नकल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा परन्तु भवन निर्माण के बाद भी भवन का कोई प्रयोग नही किया जा सका और अब हालात यह है कि पंचायत भवन अब घास.भूसों का ढेर रखने के काम ही आ रहा।ग्रामीणों में इफ्तेखार अहमद,मोहम्मद खलील,अर्जुन,अरशद अहमद,पप्पू चौधरी,राम अचल,मोहम्मद मोबीन आदि ने सम्बंधित विभाग से उपरोक्त जर्जर भवन के मरम्मत की मांग की है।

बेलवा से रमवापुर कली मार्ग जमीदोंज आठ महीने पूर्व ही पूर्ण हुआ है सड़क निर्माण

मेराज़ मुस्तफा
बढ़या.सिद्धार्थनगररूइटवा तहसील क्षेत्र के बेलवा से रमवापुर कली मार्ग को बने अभी आठ महीने भी नही हुए कि दो दिन पूर्व हुई बरसात ने सड़क निर्माण में हुई मानकों की अनदेखी की दास्तां खुद बयान कर दी।गौरतलब हो कि बेलवा से रमवापुर कली के बीच छह किमी सड़क का निर्माण आठ महीने पूर्व ही पूर्ण हुआ है परंतु दो दिन पहले हुई जबरदस्त बरसात ने सेमरी गाँव से पहले पड़ने वाले ओझवाजोत के पास बने पुल के समीप सड़क को दो से तीन फीट जमीदोंज कर दिया और जिम्मेदार हाथ पर हाथ रखे खामोश बैठे हैं।सड़क के धंसने से राहगीरों ने कहा कि इस तरह सड़क धंसने से दुर्घटना की आशंका को नकारा नही जा सकता।क्षेत्रीय लोगों में सेमरी निवासी वादिउज्जमां शाह,तेलियाडीह निवासी बसपा के युवा नेता अबरार चौधरी,युवा बसपा नेता साजिद खान,अरशद अहमद,अर्जुन,कनिकराम,बेलवा निवासी वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इसराइल,जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष एवं युवा सपा नेता प्रतीक रॉय शर्मा ,खैरा खास निवासी सरोज कुमार मौर्या,सूरज आदि ने उच्चाधिकारियों से सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाई की मांग करते हुए सड़क के मरम्मत की अविलम्ब मांग की है।

आबकारी मंत्री के गृह जनपद में उड़ रही आबकारी नियमो की धज्जियां , इटवा कस्बे में बांसी मार्ग पर स्कूल के पास चल रहा माडल शाप व देशी शराब की दुकान

इटवा , सिद्धार्थनगर । इटवा जो की आबकारी मंत्री के गृह जनपद सिद्धार्थनगर का ही एक तहसील मुख्यालय है । लेकिन यहां भी जिम्मेदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे है । न ही उन्हें प्रशासन का डर है न ही मंत्री जी का । इटवा  कस्बे में बांसी मार्ग पर स्कूल के पास चल रहा माडल शाप व देशी शराब की दुकान अधिकारियों के नाक के नीचे  जो विभागीय नियमों की पोल खोल रहा है समाज सेवी यशोदा नन्द उर्फ पिंकू शुक्ल ने प्रमुख सचिव आबकारी विभाग  उत्तरपदेश शासन,लखनऊ को शिकायती पत्र लिख कर कार्यवाही की मांग की है । यशोदा नन्द उर्फ पिंकू शुक्ल ने अपने पत्र में उल्लेख करते हुये इसकी शिकयत मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराया है । पत्र में लिखा है की इटवा,सिद्धार्थनगर में चल रहे मॉडल शॉप, सरकारी देशी शराब की दुकान जो चल रहा है जो आबकारी नीति में लिखा गया कि कस्बा,विद्यालय से कम से कम 200-400 मीटर की दूरी पर होना पर इटवा,सिद्धारर्थनगर में मॉडल शॉप, सरकारी देशी शराब की दुकान आबकारी इंस्पेक्टर इटवा, सिद्धारर्थनगर, के इशारे पर नव ज्योति पब्लिक स्कूल इटवा,के बगल 10-15 मीटर की दूरी पर धड़ल्ले से चलाया जा रहा है । जो आबकारी नीति का पूर्णतया उल्लंघन किया जा रहा है ।  जिससे आम जनता को परेशानी हो रही कि कैसे बच्चों को भेजे उस विद्यालय कैसे होगा उनका उज्ज्वल भविष्य ।

   

डीएम साहब आखिर सफाई कर्मियो की मनमानी पर कब लगेगा अंकुश  , इटवा के पहाड़ापूर में स्वछता अभियान की निकल रही हवा 

सोमनाथ जायसवाल  

फोटो – नाली की सफाई करते ग्रामीण 

इटवा , सिद्धार्थनगर । सरकार द्वारा लगातार स्वछता मिशन पर पैसा खर्च करने के बाद जिम्मेदारो की उदसीनता के कारण गांव की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है । ताजा मामला इटवा विकास छेत्र के ग्राम पंचायत इटवा के टोला पहाड़ापुर का है । यहां सफाईकर्मचारी की मनमानी पूरी तरह चरम पर है । यह भी बताया जा रहा है की यहां तैनात सफाई कर्मी एडीओ पंचायत का चहेता है । और वह ऊंही की खातिरदारी तक रहता है । ग्रामीणो ने बताया की गलियां व सड़क गंदगी व कीचड़ से सरावोर रहता है । बीमारी भी फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता है । लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है । ग्रामीणो में वसीम अहमद ,शमीम अहमद , मंगनी, निसार,मो0हारून   आदि ने सफाई कर्मचारी पर कार्यवाही की मांग की है । 

रेल टिकट के ब्लेकरो का हब बन रहा इटवा , रेड मिर्ची सहित विभिन्न साफ्टबेयर के सहारे हैंक कर लिए जाते है तत्काल टिकट

गोरखपुर में बिजिलेन्स टीम ने एक दुकानदार के पास से साफ्टबेयर  आदि बरामद कर कायर्वाही की है।लेकिन रेलवे स्टेशनों का काफी दूर होने के कारण जनपद सिद्धार्थनगर के इटवा कस्बे में धन्धा काफी दिनो से फलफूल रहा है।
इटवा, सिद्धार्थनगर।  स्थानीय कस्बा इन दिनो रेल टिकट की ब्लेकिंग का हब बन चुका है। साप्टबेयर के सहारे यहां बैठे बैठे ही तत्काल टिकट हैंक कर लिए जाते है। जो ग्राहको को रेट से कहीं ज्यादा में टिकट बेच रहे है।  जिससे एक तरफ रेल विभाग का पतिमाह लाखों ंरुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। तो दूसरी तरफ टिकट के जरुरत मंद ठगी का शिकार हो रहे है। एक समाचार के मुताबिक ऐसे टिकट ब्लेकरो पर अभी जल्द ही गोरखपुर में बिजिलेन्स टीम ने एक दुकानदार के पास से साफ्टबेयर  आदि बरामद कर कायर्वाही की है।लेकिन रेलवे स्टेशनों का काफी दूर होने के कारण जनपद सिद्धार्थनगर के इटवा कस्बे में धन्धा काफी दिनो से फलफूल रहा है।
स्थानीय कसबे में कई दुकानदार रेल  आरक्षण का बोर्ड लगा रेल टिकट बेचने का दवा कर इस धन्धे को बेखौफ अंजाम दे रहे है। रेलवे स्टेशन से काफी दूरी होने के कारण इन टिकट ब्लेकरो के लिए इटवा कस्बा मुफीद साबित हो रहा है। आधा दर्जन से अधिक सक्रिय एजेन्ट साफ्टबेयर का इस्तेमाल कर शुबह 10 से 11बजे तक तत्काल टिकट बनाने का काम कर रहे है। इन रेट टिकट के सौदागरो का नेटवर्क महाराष्ट्र तक फेला हुआ बताया जाता है। जो ततकाल टिकट साप्टबेयर के माध्यम से हैंक कर प्रिन्ट निकाल कर कई गुना दामो पर बिक्री कर रहे है।यही कारण है कि स्टेशनों पर भारी लाइन लगाने के बाद भी टिकट नहीं मिल पा रहा है । प्रशासन व खुफिया बिभाग की निश्क्रियता व उदासीनता के चलते इन टिकट के सौदागरो पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। क्षेत्रीय जनो ने रेट टिकट के अबैध रुप से बनाये जा रहे टिकट ब्लैकरो पर कार्यवाही की मांग की है।