आवासीय भूमि को कृषि भूमि दिखाकर किया गया स्टाम्प की चोरी, सरकारी राजस्व का लगा रहे बट्टा

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पंकज पाण्डेय
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ रजिस्ट्री ऑफिस में एक आवासीय भूमि को कृषि भूमि दिखाते हुए रजिस्ट्री बैनामा कर स्टांप चोरी का मामला प्रकाश में आया है। जब कि उसी जमीन को पहले आवासीय भूमि दिखाकर क्रय किया जा चुका था दुबारा जब उसी भूमि को बेचा गया तो आवासीय भूमि ना दिखाकर कृषि भूमि दिखाते हुए क्रय किया गया जिसमें तकरीबन ₹4,60,000/- स्टांप की चोरी का मामला अगया कला तप्पा घोष का है यह मामला तब सामने आया जब उसी जमीन को खरीदने के लिए एक क्रेता ने उपनिबंधक शोहरतगढ़ से स्टांप शुल्क के खर्चे हेतु संपर्क किया जिस पर उपनिबंधक शोहरतगढ़ ने कहा कि यदि बैनामा पहले उस भूमि का आवासीय में दिखाकर हुआ है तो उस भूमि को आवासीय भूमि के निर्धारित सरकारी दर से ही क्रय- विक्रय किया जा सकता है। परंतु उस जमीन के पिछले क्रय विक्रय संबंधित मुआयना करने पर स्टांप चोरी का यह पूरा मामला सामने आया 2012 में उसी भूमि का क्रय विक्रय करते समय उस वक्त के निर्धारित सरकारी आवासीय दर से स्टांप शुल्क अदा किया गया जो कि रजिस्ट्रार उपनिबंधक महोदय के अनुसार सही था। परंतु सन 2019 में उसी जमीन का बैनामा करते समय आवासीय ना दिखाकर कृषि भूमि दिखाकर कराया गया है जिसमें मात्र 83,900 रुपए का स्टाम्प शुल्क अदा किया गया है। जबकि 2019 के सरकारी दर के अनुसार स्टांप शुल्क ₹5,53,650/- होता है। इसमें 4,69,750 रुपए की स्टांप चोरी की इस मामले को पूर्ण विवरण के साथ जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के संज्ञान में तहसील शोहरतगढ़ में लगे संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देते हुए लाया गया जिसमें जिला अधिकारी सिद्धार्थ नगर से मामले की जांच करके क्रेता व अन्य दोषियों पर करापवचन की धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए सरकार को हुए हानि को संबंधित दोषियों द्वारा पूर्ण कराने व न्यायोचित कार्यवाही करने के लिए अनुरोध किया गया। जिस पर जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने मामले की गंभीरता व सरकार को हुए नुक़सान को देखते हुए संबंधित मामले को स्टांप विभाग में जांच के लिए भेज दिया है।

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