संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की जलकर मौत

मेराज़ मुस्तफा

बढ़या-सिद्धार्थनगर:- एक ढाई वर्षीय मासूम की निगाहें बार-बार घर के बाहर लगी भीड़ को देखती है और आंख बंद कर लेती है फिर आँख खोलकर जैसे कोई अनमोल चीज तलाश रही लेकिन वह अनमोल हस्ती इस दुनिया मे नही इस बात से मासूम प्रियांशी बेखबर है लेकिन लोगों की भीड़ मासूम प्रियांशी को देखकर स्वयं भावुक हो जा रही हर आँख नम होती रहती है।एक मासूम बच्ची के लिए उसकी माँ से ज्यादा अनमोल क्या होगा भला मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के खैरा खास पश्चिम डीह निवासी कुलदीप आजाद पुत्र सीताराम (24 वर्ष) की शादी पांच वर्ष पूर्व शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के टेढ़ी बरैनिया निवासी विश्राम की पुत्री रंजू से हुई थी जिनसे एक ढाई वर्षीय पुत्री भी है।मंगलवार की सांय साढ़े छह बजे के करीब मृतका के चीखने चिल्लाने की आवाज बरामदे से सटे कमरे में से आने लगी जिसपर आस पड़ोस के लोग जब तक पंहुचते तब तक मृतका का शरीर पूर्ण रूप से जल चुका था व कमरे में किरोसिन का एक डिब्बा रखा हुआ था।मृतका के पति कुलदीप ने इस बात की जानकारी कानपुर में रहकर व्यवसाय करने वाले विश्राम को दी कि आपकी बेटी ने खुदको जलाकर मार दिया यह सुनते ही मृतका के पिता के होश उड़ गए और उन्होंने यह सूचना अपने साढ़ू मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ही बन्दरहवां निवासी रामबरन उर्फ मैकू को दी जिसपर तत्काल वह चार किमी की दूरी पर स्थित मृतका के घर पहुंचे तो देखा कि मृतका रंजू की जली हुई लाश बरामदे में रखी थी जो रजाई से ढकी हुई थी और मृतका रंजू का पति कुलदीप व सास चिनका बाहर बैठे थे।मौके पर पहुंचे रामबरन ने घटना की सूचना डायल 100 टीम को सात बजकर तिरपन मिनट पर दी जिसके पश्चात मौके पर पहुंची डायल 100 टीम ने थानाध्यक्ष मिश्रौलिया मनोज कुमार सिंह को उक्त घटना के बारे में सूचित किया।ससुरालीजनों के बार-बार अलग-अलग तरीके से जवाब देने पर मृतका द्वारा आत्महत्या करने की बात पुलिस के गले नही उतर रही थी।बहरहाल कारण जो भी हो हर किसी की नजर मासूम प्रियांशी को देखकर नम हो जा रही व पुलिस मृतका के माता-पिता जो कानपुर से आ रहे की प्रतीक्षा कर रही उसके बाद ही आगे की कार्यवाई की जाएगी।

480 शीशी नेपाली शराब के साथ टैम्पो चालक धराया

कपिलवस्तु/सिद्धार्थनगर। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के दिशा निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकरी शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर के कुशल नेतृत्व में बुधवार को बगहवा चेतरा मोड़ पर तस्करी व अवैध नेपाली शराब की रोकथाम अभियान के क्रम में मुखबिर की सूचना पर अमल करने के दौरान खुनुवां चौकी पुलिस व 43वीं वाहिनी एसएसबी खुंनुवां बीओपी के जवानों के संयुक्त चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को बोरी में 480 शीशी नेपाली शराब के साथ गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुद्धवार को थाना शोहरतगढ़ के कस्बा शोहरतगढ़ निवासी 32 वर्षीय राहुल कसौधन पुत्र स्व.बजरंगी लाल को अवैध रुप से तस्करी कर नेपाल से भारत लेकर आ रहे बोरी में 4800 शीशी अवैध नेपाली शराब मय एक अदद टैम्पो नं. UP. 55. T. 0784 के साथ गिरफ्तार कर 60 आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही किया गया। इस दौरान गिरफ्तारी करने वाली टीम पार्टी कमांडर एसएसबी निरीक्षक अमर लाल सोनखरिया, साा.आ.राकेश कुमार, सा.आ.सूर्य प्रताप सहित पुलिस के हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुुुुमार प्रजापति मौजूद रहें।

जननी ने मासूम को ठुकराकर ममता को किया शर्मशार,गैर ने अपनाकर पेश की मिसाल, झाड़ियों में मिला था बच्चा

मेराज़ मुस्तफा

बढ़या-सिद्धार्थनगर:- संसार में माँ के रिश्ते के आगे हर रिश्ते की अहमियत बौनी होती है क्योंकि जब ईश्वर ने स्वयं ही माँ के चरणों में स्वर्ग का वास कर दिया हो तो इस रिश्ते का महत्व शब्दों में नही बयान किया जा सकता है परन्तु जब वही माँ खुद के जन्में नवजात बच्चे को त्यागकर मौत के मुंह में फेंक दे तो इस पवित्र रिश्ते पर एक कलंक लग जाता है जो मिटने योग्य नही रहता और कुछ ऐसा ही कर एक कलयुगी माँ ने मानवता को भी शर्मसार कर दिया।जनपद के इटवा-बांसी मार्ग पर स्थित ग्राम गंगवल को जोड़ने वाले मोड़ के बगल वाले गड्ढे में रविवार को एक नवजात शिशु के मिलने से हड़कंप मच गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार खुनियांव ब्लाक मुख्यालय के पास स्थित मझौवा गांव की कुछ महिलाएं रविवार की सुबह भोजन पकाने के लिये लकड़ी बीनने गयीं थी कि बगल के गड्ढे में से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर गड्ढे के पास पहुचीं तो सामने लाल कपड़ों में लिपटे नवजात शिशु को देख स्तब्ध रह गयीं व धीरे-धीरे यह बात आग की तरह आसपास के गांवों तक फैल गयी व पल भर में ही सैकड़ों की भीड़ जमा हो गयी और सभी उस कलयुगी माँ को कोसने लगे जिसने अपने कुकृत्य की सजा अबोध बालक को देकर माँ शब्द पर कालिख पोतने का कार्य किया लेकिन इसी बीच मझौवा गांव की रहने वाली मान्ती देवी पत्नी राम विलास ने मौके पर उपस्थित लोगों की सहायता से बच्चे को गड्ढे ने निकालकर अपने सीने से लगा लिया।नवजात शिशु मान्ती के गोद में आते ही माँ की गोद समझकर चुप हो गया।घटना की जानकारी होने और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुचकर घटना एवं बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली व नवजात के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु मान्ती के साथ खुनियांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गये जहां डॉक्टरों ने बच्चे के प्राथमिक जांच के बाद उपचार किया और बच्चे को स्वस्थ बताते हुए खतरे से बाहर बताया।पहले से ही चार बच्चों की माँ मान्ती देवी पत्नी रामविलास निवासी मझौवा ने बच्चे को अपने पांचवीं सन्तान के रूप में अपनाते हुए नवजात को माँ के आंचल का सहारा देने के निर्णय से वहां उपस्थित पुलिसकर्मियों के साथ हर कोई प्रसन्न दिखा एवं रामविलास और उसकी पत्नी मान्ती देवी के साहस व ममता की सराहना करते हुए नही थक रहे।इस दौरान पुलिस ने मान्ती देवी के हौंसला आफजाई करते हुए व बच्चे के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक हजार रूपये भी दिए।

शोहरतगढ़ :—170 शीशी नेपाली शराब के साथ युवक धराया

शोहरतगढ़ , सिद्धार्थनगर। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर महोदय के दिशा निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकरी शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर के कुशल नेतृत्व में सोमवार भोर में अवैध नेपाली शराब की रोकथाम अभियान के क्रम में पैदल गश्त के दौरान शोहरतगढ़ पुलिस व एसएसबी द्वारा संयुक्त रुप से एक युवक को 170 शीशी नेपाली शराब के साथ गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार भोर में खुनुवां चौकी पुलिस व एसएसबी द्वारा संयुक्त रुप से पैदल गश्त के दौरान आंगनबाड़ी केन्द्र खुनुवां के पास से थाना शोहरतगढ़ नीबी दोहनी निवासी रमेश कहार पुत्र शंकर कहार को अवैध रुप से तस्करी कर नेपाल से भारत लेकर आ रहे 170 शीशी नेपाली शराब मय एक अदद साइकिल के साथ गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही किया गया। इस दौरान गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी खुनुवां महेश सिंह, कां. शम्भू यादव, हे. कां. राकेश, कां. अजय कुमार, अभय कुमार, सज्जाद मौजूद रहें।

भाजपा कार्यकर्ता ने हियुवा नेता पर लगाया रंगदारी मांगने का आरोप मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लगायी न्याय की गुहार , कार्यकर्ता का आरोप रंगदारी न देने पर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहे हियुवा नेता

सिद्धार्थनगर । नगर पंचायत शोहरतगढ़ के एक भाजपा कार्यकर्ता ने सीएम को पत्र लिखकर हिन्दू युवा वाहिनी के नेताओं से जान का खतरा बताते हुए न्याय की गुहार लगाया है। कार्यकर्ता का आरोप है कि सड़क की पटरी पर दुकान लगाने पर हियुवा के नेता रंगदारी मांग रहे हैं। रंगदारी न देने पर फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।दरअसल, नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 धर्मशाला बाजार निवासी सत्यम गौड़ व विधवा मां श्रीमती मालती देवी परिवार की जीविका चलाने के लिए नीबी दोहनी ग्राम के खुनुआं बाई पास रोड पर (शिव बाबा मंदिर से सटे) सड़क की पटरी पर गुमटी रखकर चाय पान बेचते हैं। पीड़ित सत्यम का आरोप है कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में हियुवा सिद्धार्थनगर के जिला कार्यसमिति सदस्य मनोज तिवारी व नगर मीडिया प्रभारी महेश कसौधन दुकान पर पहुंच पटरी पर दुकान लगाने की रंगदारी मांग रहे थे। जिसे देने से इंकार करने पर मनोज व महेश हियुवा के देवी पाटन मंडल प्रभारी सुभाष कसौधन के साथ मिलकर परिवार की जीविका उजड़वा रहे हैं। जबकि बार- बार गरीबी का हवाला दिया जा रहा है, बावजूद इनकी मनबढ़ई जारी है। पीड़ित का कहना है कि मनोज के ऊपर विगत पांच- छह वर्ष पूर्व सरकारी बस में लूट पाट करने का मुकदमा पंजीकृत है। इसी अपराध का बार- बार धौंस दिखा रहे हैं, परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जिलाधिकारी को भी पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाया है।पीड़ित ने बताया कि इसका विरोध करने पर गत 29 अगस्त को सुभाष कसौधन ने उसे अपने कार्यकर्ताओं से घर पर बुलवाकर अपने व पुत्र सौरभ कसौधन, मनोज व महेश ने मारा पीटा व भद्दी- भद्दी गाली देते हुए फर्जी मुकदमें में फंसाने व परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी गयी है। हियुवा का नेता होने के नाते स्थानीय प्रशासन भी इन्हीं की मदद कर रहा है। वहीं पीडब्लूडी का अधिकारी बताने वाले राणा सिंह भी इन्हीं के दबाव में आकर पीड़ित को परेशान कर रहे हैं।

प्रेम प्रसंग के चक्कर में हुई थी नौ माह 17 दिन पहले हत्या , डीएनए टेस्ट से शव की हुई शिनाख्त, पुलिस ने किया खुलासा

परसा , सिद्धार्थनगर । ढेबरुआ पुलिस ने रविवार को नौ माह 17 दिन पहले हुई एक हत्या का पर्दाफाश कर दिया। हत्या में शामिल महिला व एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि हत्या प्रेम प्रसंग के चक्कर में की गई थी। हत्यारों ने पहले शराब पिलाकर युवक को नशे में किया और फिर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्यारों ने पहचान मिटाने के लिए कमर के ऊपर वाले हिस्से को बुरी तरह से जला दिया था। डीएनए टेस्ट से शव की शिनाख्त हुई और हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि 17 मार्च को ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बरमपुर कठेला गर्वी गांव निवासी बलराम यादव ने थाने में तहरीर देकर अपने भाई अवधराम (22) के लापता होने की सूचना दी थी। इसी बीच क्षेत्र के औदही कला गांव के अमरूद के बाग में एक अधजली लाश मिली थी। युवक की हत्या की गई थी। काफी खोजबीन के बाद भी युवक की पहचान नहीं हो पाई। अंत में डीएनए टेस्ट से युवक की पहचान हुई।

जांच में क्षेत्र की रहने वाली मंजू देवी पत्नी रामसेवक यादव निवासी तिरछहवा और जैसराम यादव निवासी मानपुर के युवक की हत्या में शामिल होने की बात सामने आई। रविवार की सुबह दोनों को तुलसियापुर चौराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। टीम में एसआई राकेश कुमार, आरक्षी विजय यादव, रविंद्र यादव, आर्दश श्रीवास्तव, महिला आरक्षी किरन शामिल रहे।

दूसरे से हो गया संबंध इसलिए रास्ते से हटा दिया
– एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि अवधराम व मंजू देवी के बीच पांच वर्षों से संबंध था। इसी बीच मंजू का जैसराम से भी संबंध हो गया। इसके बाद दोनों ने अवधराम की हत्या कर दी। शव की पहचान न हो इसलिए उसे जला दिया। हत्यारोपी मंजू व मृतक अवधराम मुंबई में रहते थे। जिस दिन मंजू अपने पति के साथ गांव के लिए ट्रेन से चली थी। उसी दिन अवधराम भी घर के लिए निकला था।

शराब पिलाकर की थी हत्या
– पुलिस के मुताबिक अवधराम शराब पीने का आदी था। पिछले साल 15 नवंबर को मंजू ने उसे बीयर लाकर दिया था। मंजू ने उसमें नींद की गोली मिला दी थी, जिसे पीने के बाद अवधराम बेहोश हो गया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।

डीएनए टेस्ट से हुई शव की पहचान
अवराध मुंबई से घर के लिए निकला यह सभी को पता था। मगर वह किस हाल में है, इसके बारे मेें परिवार के सदस्यों ने जानने की कोशिश तक नहीं की। चार माह बाद जब परिवार के लोग मुंबई से गांव लौटे और अवधराम को घर पर नहीं देखा तो तलाश शुरू हुई। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि एक लाश औदही कला गांव के अमरूद के बाग में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराया और लाश की पहचान अवधराम के रूप में हुई।

क्या व्यक्तिगत द्वेष की भावना से हल्का लेखपाल इटवा एक प्रतिष्ठित कॉलेज को क्षति पहुंचना चाहते हैं!

इटवा, सिद्धार्थ नगर
हल्का लेखपाल इटवा कमलेश मिश्रा और अल-फ़ारूक़ इंटर कॉलेज अमौना के प्रबंधक शब्बीर अहमद के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी मामले के संबंध में हालिया विवाद लेखपाल कमलेश मिश्रा और तहसीलदार इटवा के बीच में हो गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट-
लेखपाल और तहसीलदार के बीच विवाद
सूत्रानुसार विवादित लेखपाल कमलेश मिश्रा ने इसी मामले के संबंध में तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल के चैम्बर में घुस कर लिपिक से कोई आदेश लिखाने का दबाव बना रहे थे जिसकी शिकायत लिपिक ने तहसीलदार से कर दी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार से लेखपाल ने गाली गलौच की। बात इतनी बढ़ गयी कि फौजदारी पर उतारू हो गए। तेज़ आवाज़ सुनकर मौके पर अन्य कर्मचारी एंव अधिवक्ता-गण पहुंच गए और बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। जबकि वहीं मौजूद पुलिस एंव एक सब-इंस्पेक्टर मूक दर्शक बने रहे।

क्या था प्रबंधक और लेखपाल के बीच का पूर्व मामला?
लेखपाल द्वारा प्रबंधक को जुलाई में नवीन परती पर कब्ज़ा करने संबंधित नोटिस दिया गया था। जिस पर तहसीलदार इटवा ने जांच कर, ऐसी किसी कब्ज़े को निराधार बताया और कॉलेज प्रबंधक के पक्ष में फैसला दिया। तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने अपने 3 पन्नों के आदेश में लेखपाल के आरोपों को निराधार बताते हुये चेतावनी दी कि इस तरह के फ़र्ज़ी नोटिस आगे किसी को न दिया जाए।
तहसीलदार के आदेश से क्षुब्द होकर लेखपाल ने प्रबंधक को फोन पर धमकी भी दी थी और कॉलेज की प्रतिष्ठा को हर स्तर से धूमिल करने की बात कही थी। जिसकी मौखिक शिकायत प्रबंधक द्वारा थानाध्यक्ष इटवा सहित अन्य उच्चाधिकारियों को दी गयी थी।
क्या है नया मामला
07 अगस्त 2018 को लेखपाल द्वारा प्रबंधक के खिलाफ थाने में FIR दर्ज होने संबंधित फ़र्ज़ी खबर वायरल किया गया।
जिसके पश्चात कॉलेज प्रबंधक ने तहसील दिवस में उपजिलाधिकारी को तहरीर देकर लेखपाल द्वारा 06 अगस्त 2018 के चकरोड संबंधित रिपोर्ट अथवा कार्यवाही को व्यक्तिगत द्वेष की भावना से प्रेरित बताया और लेखपाल द्वारा धन उगाही के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। जिस पर तहसीलदार इटवा ने अन्य लेखपाल और कानूनगो से जांच करवाकर रिपोर्ट तैयार करने की बात कही।

तहसीलदार के लेखपाल के विरुद्ध आरोप
तहसीलदार इटवा ने कमलेश मिश्रा पर अपने अधिकारों के विपरीत कार्य करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
विगत दिनों इण्टर कॉलेज के प्रबंधक सहित तीन अन्य जिम्मेदारों को भी धमकी दी थी।
उन्होंने ने कहा कि कमलेश मिश्रा के खिलाफ कार्यवाही के लिए उपजिलाधिकारी इटवा को पत्र भेजा गया है।
लेखपाल कमलेश मिश्रा द्वारा अपने ही तहसीलदार से किये गए दुर्व्यवहार से क्षेत्र की लोग तरह तरह के कयास लगा रहे हैं। अधिवक्ता-गण एंव अन्य कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। सभी का मानना है कि समय रहते इस तरह के दुर्व्यवहार करने वालों को रोका नहीं गया तो अपने उच्च-अधिकारियों की कोई नहीं सुनेगा।
क्या है चकरोड का मामला

विवादित चकरोड जिस पर प्रारम्भ से ही गड्ढा और जल-जमाव है

जिस चकरोड के सम्बंध में लेखपाल द्वारा कार्यवाही करने की बात की जा रही है उस रास्ते पर गड्ढे हैं और उनमें जल-जमाव है। जगह जगह उगी हुई झाड़ियां ये बताती हैं कि उस रास्ते से किसी का आवागमन नहीं हो रहा था। मौके को देखने के बाद ये नहीं लगता कि लेखपाल जांच करने के लिए उसी सरकारी रास्ते (चकरोड) का प्रयोग कर सके होंगे। मौके पर जिस रास्ते का अस्तित्व ना हो उस पर ग्रामवासियों द्वारा लेखपाल से शिकायत करना हास्यपद लगता है। आनन-फानन में लेखपाल द्वारा की जा रही कार्यवाही से लेखपाल की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ढ़ेबरुआ थानाक्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे के पास स्थित विवादित जमीन के मामले में धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार

परसा , सिद्धार्थनगर । पुलिस अधीक्षक के अपराध नियंत्रण के लिए दिये गये आदेश व क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ के पर्यवेक्षण में तुलसियापुर चौराहे के पास स्थित करोड़ों की जमीन पर गलत कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करने के कारण दुधवनिया निवासी जिल्लुर्रहमान की तहरीर पर ढ़ेबरुआ पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ भादसं की धारा संख्या 419,420,468,469,471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।जिसमें शनिवार शाम को ढ़ेबरुआ थानाक्षेत्र के बसावन पाकर उर्फ मदरहिया के रहने वाले लड्डन खां पुत्र सादुल्लाह खां,परवेज व रफीक खां पुत्रगण लड्डन खां,ढे़बरुआ थानाक्षेत्र के महादेव बुजुर्ग निवासी अनीस अहमद पुत्र सरफुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।सूत्रों के मुताबिक बसावन पाकर उर्फ मदरहिया में स्थित करोड़ोंकके 28 बीघे जमीन का विवाद 2014 से ही चला आ रहा है।दोनों पक्षों की तरफ से प्रदेश के कई दिग्गज राजनीतिज्ञों ने इस मामले में जोर लगाया था। इस संबंध में ढ़ेबरुआ थाने के प्रभारी निरीक्षक अखिलानन्द उपाध्याय ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश एवं सबूत एवं साक्ष्य के आधार पर विधिक कार्यवाई किया गया है।

अबैध शस्त्र के साथ शातिर बैंक लूटेरा गिरफ्तार, शोहरतगढ़ पुलिस ने कि कार्यवाही

सिद्धार्थनगर ।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा चलाये जा रहे अपराध व अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्री मुन्नालाल के कुशल निर्देशन में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ श्री सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक रणधीर कुमार मिश्र को जरिए मुखबीर सूचना मिली की जनपद गोण्डा के राजू जो अपने साथी के साथ शोहरतगढ़ आया हुआ है । जो बैंक लूट का काम करता है । बैंको के आस-पास रूककर घटना को अंजाम देता है । इस सूचना पर उ.नि. अमित कुमार वर्मा को गिरफ्तारी हेतु लगया गया । जिनके द्वारा अभियुक्त राजू को मेढ़वा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया । मौके से विलाश जो पठानपुरवा लखनपुरवा का रहने वाला है फरार हो गया । राजू व इनके साथियों द्वारा पूर्व में गोण्डा, बस्ती, बहराईच, बलरामपुर, श्रावस्ती आदि कई जनपदो में बैंक लूट के वारदात का अंजाम दिया जा चुका है । अभियुक्त राजू से क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ द्वारा पूछताछ की गई ।
अभियुक्त –
1. राजू पुत्र केशवराम, सा. छजवा, थाना मोतीगंज, जनपद गोण्डा ।
गिरफ्तार करने वाली टीम-
उ.नि. अमित कुमार वर्मा
हे.का.प्रो. इन्द्रबहादुर सिंह
का. शमशेर खान
बरामद सामान-
01 अदद कट्टा व 02 जिन्दा कारतूस 12 बोर

लेखपाल इटवा ने कॉलेज प्रबंधक को दी फोन पर धमकी

विशेष संवाददाता

इटवा- सिद्धार्थनगर

“नोटिस दी थी उसे दबवा दिया, देखता हूँ कौन बचाता है। तुमको तबाह करके रख दूंगा।” यह धमकी बुधवार रात सवा नौ बजे के लगभग एक चर्चित लेखपाल ने कस्बा के अलफारूक़ इण्टर कालेज के प्रबंधक को फोन पर दे डाली। 

जानकारी के अनुसार इटवा का एक चर्चित बेलगाम लेखपाल कमलेश मिश्रा अलफारूक़ इण्टर कालेज के प्रबंधक के नाम गत 28 जून 2018 को एक रिपोर्ट बना कर तहसीलदार इटवा के माध्यम से 29 जून 2018 को एक नोटिस भेजता है। जिसमें कहा गया था कि गाटा संख्या 432/0.064 हे।जमीन राजस्व अभिलेख में नवीन परती दर्ज है। जिसे कॉलेज गत नौ वर्ष से कब्जा करके कालेज के प्रयोग में ले रहा है। जिससे सरकार को लाखों की क्षति हो रही है।

नवीन परती जिसके संबंध में नोटिस दी गयी

बताया जाता है कि यह चर्चित लेखपाल इस नोटिस के आड़ में अनाधिकृत पैसे की मांग प्रबंधक से कर रहा था। जबकि कॉलेज प्रबंधन के अनुसार परती ज़मीन खाली पडी है, सभी कंस्ट्रक्शन का काम कॉलेज की ज़मीन पर हुआ है और सरकारी जमीन पर किसी तरह का कब्ज़ा नहीं है।जमीन खाली पडी है। 

इस पूरे प्रकरण की तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने जांच किया, जांच में जमीन खाली मिली जिस पर घास उगी है। बाउंडरी वाल और कॉलेज की बिल्डिंग कॉलेज की ज़मीन पर पायी गयी।

घास उगी हुई सरकारी ज़मीन एंव कॉलेज की ज़मीन पर बाउंडरी वाल

इस संबंध में बात करने पर तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने बताया कि मैंने जांच करके तीन पन्ने की जजमेंट दिया है। लेखपाल की रिपोर्ट फर्जी पायी गयी है। इसके लिए मैंने लेखपाल और कानूनगो को चेतावनी भी जारी किया था कि भविष्य में ऐसी फ़र्ज़ी रिपोर्ट से किसी को परेशान न करें।
बताया जाता है स्कूल प्रबंधक से अवैध धन की मांग में असफल होने पर चर्चित लेखपाल ने मोबाइल फोन पर ऐसी धमकी दी है। सूत्रों के अनुसार प्रबंधक पर दबाव बनाने और वसूली में सफल होने के लिए नोटिस, कार्यवाही वाली खबर का वाट्सअप ग्रुप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया साइट पर खूब प्रचार किया गया। कुछ तथाकथित अखबारों में झूठी खबरें प्रकाशित करवायी गयी। जिसके बारे में तहसीलदार ने बताया कि ऐसी कोई खबर के लिए किसी को भी ब्रीफ नहीं किया गया है।
इस सम्बंध में अलफारूक़ इंटर कालेज के प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद पुत्र अबुल हसन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रात में लेखपाल द्वारा धमकी मिलने के बाद मौखिक रूप से सूचना मैंने तहसीलदार इटवा, उपजिला अधिकारी इटवा व थाना अध्यक्ष इटवा को दिया था। आज लिखित शिकायत भी कर दी गयी है। आगे की विधिक कार्यवाही के लिए अधिवक्ता से परामर्श लिया जा रहा है। यदि भविष्य में मेरे साथ कोई घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार सम्बंधित लेखपाल ही होगा।
भाजपा सरकार भय, भूख और भ्रष्टाचार समाप्त करने का नारा देती है। ऐसे में देखना है कि सरकार अवैध रूप से नोटिस की आड़ में पैसों के लिए दबाव बनाने वाले इस लेखपाल पर क्या कार्यवाही करती है।