विधानसभा इटवा में आम आदमी पार्टी का ऑक्सिमीटर जांच अभियान जारी

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर आम आदमी पार्टी- उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के द्वारा पूरे प्रदेश में ऑक्सिमीटर द्वार आम जनमानस के ऑक्सीजन लेवल की जांच का अभियान चलाया जा रहा है।


जिसके अंतर्गत आम आदमी पार्टी विधानसभा इटवा की इकाई प्रत्येक दिन गांवों में कैम्प लगा कर व घर-घर जाकर ऑक्सिमीटर द्वारा लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच कर रही है और कोरोना के प्रति जागरूक कर रही है। साफ-सफाई व स्वच्छता को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है।


आम आदमी पार्टी- इटवा के विधानसभा अध्यक्ष मेराजुद्दीन सिद्दीकी व उपाध्यक्ष शैलेष कुमार गौतम की अगुवाई में अभी तक हज़ारों लोगों के ऑक्सीजन लेवल की जांच की गई है।

विधानसभा इटवा में ऑक्सीमित्र जमील खान

आप नेता अहसन जमील खान ने बताया कि विधानसभा इटवा में ऑक्सिमित्रों की 10 टीमें प्रतिदिन काम कर रही हैं, जो घर-घर जाकर लोगों का ऑक्सीजन लेवल की जांच कर उन्हें ज़रूरी परामर्श दे रही है।
उन्होंने ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘आपदा में अवसर’ तलाशते हुए इस महामारी में कोरोना घोटाला कर रही है। कम मूल्य के उपकरण महंगे दामों में खरीद रही है। जिसका खुलासा प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस व सांसद में किया जिससे बौखला कर सरकार ने उनपर राजद्रोह का मुकदमा कर दिया और उनकी आवाज़ को दबाने का काम कर रही है।

इस अभियान में नरसिंह गौतम, राम कुमार गौतम, दिलशाद खान, अबू क़िलाब, हरिकेश पांडेय, विनोद कुमार मौर्य आदि शामिल हैं।

पूर्वांचल के सर सैयद डॉ बारी नहीं रहे,शिक्षा जगत को अपूर्णीय क्षति

शिक्षा जगत के महान शख्शियत डॉ अब्दुल बारी नहीं रहे, क्षेत्र में शोक की लहर।

पीपुल्स एलाइंस डॉ अब्दुल बारी खान के निधन पर उनके परिवार में इस दुःख की घड़ी में साथ है।

सिद्धार्थनगर,10 जुलाई 2020: ख़ैर टेक्निकल स्कूल, डुमरियागंज के मैनेजर डॉ अब्दुल बारी खान का लखनऊ में इलाज़ के दौरान रात 12:30 बजे निधन हो गया है।क्षेत्र में डॉ बारी के निधन पर शोक की लहर।डॉ बारी को आज दोपहर दो बजे उनके पैतृक गांव कुड़ऊं बौडीहार में किया जाएगा सुपुर्द ए खाक।

सिद्धार्थनगर जनपद जैसे पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहे।शिक्षा जगत की एक बड़ी शख्सियत डॉ अब्दुल बारी खान, जिनके जीवन का मात्र एक उद्देश्य शिक्षा को जन जन तक पहुंचाना है।उन्होंने बहतर शिक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है।डॉ बारी शिक्षा के ज़रिए वो समाज और देश मे ब्यापक बदलाव के पक्षधर थे।उनका मानना था कि जब व्यक्ति शिक्षित होगा तभी आत्म निर्भर होगा,देश आगे बढ़ेगा।उन्होंने जिला सिद्धार्थ नगर में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की है ।जिसमें गर्ल्स कॉलेज, तकनीकी शिक्षा केन्द्र, इंटर कालेज, पब्लिक स्कूल और अनाथालयों तक की स्थापना शामिल हैं।आखरी वक्त नब्बे साल की उम्र में भी अकलियतों की शिक्षा के लिए जंग लड़ते रहे।सिद्धार्थनगर जनपद उनका शिक्षा के लिए दिया हुआ योगदान कभी नहीं भूलेगा।

आइये जानते हैं डॉ अब्दुल बारी खान के शिक्षा जगत में योगदान के बारे में…

डॉ अब्दुल बारी एक छोटे से गांव, कुड़ऊं बौडीहार में नवंबर 1936 को जन्म हुआ था।फिलहाल डुमरियागंज कस्बा के निवासी हैं।पेशे से चिकित्सक थे, कई सालों तक समाज में चिकित्सक के रूप में सेवा दिया।क्षेत्र को शैक्षणिक रूप से पिछड़ा देख डॉ खान ने तालीम के ज़रिए समाज मे ब्याप्त कुरीतियों और पिछड़े पन को दूर करने का बीड़ा उठाया और अपने मकसद को हासिल करने के लिए पूरे जिले में कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।

डॉ बारी ने समाज में लड़कियों को न पढ़ाने की मानसिकता को तोड़ते हुए।लड़कियो को बहतर तालीम देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1984 में डुमरियागंज में गर्ल्स कॉलेज की स्थापना की।गर्ल्स कॉलेज में पूर्वांचल के कई जिलों से लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। गर्ल्स कॉलेज के स्थापना के बाद समाज में शिक्षा के ताने-बाने को देखते हुए अनाथ और गरीब बच्चों के लिए अनाथालय स्कूल की स्थानपा किया।मौजूदा वक़्त में हजारों की तादात में अनाथ और ग़रीब बच्चे छात्रावास में रह-कर मुफ़्त शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

डॉ खान यंही नहीं रुके मौजदा वक्त की तकनीकी, विज्ञान की शिक्षा को देखते हुए, 1995 में ख़ैर टेक्निकल स्कूल/सेंटर का स्थापना किया।जिसमें इंटरमीडिएट तक उच्च शिक्षा दिया जा रहा और मिनी आईटीआई के ज़रिए सिलाई,कढ़ाई,कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार कर आत्मनिर्भर बन गए।ख़ैर टेक्निकल सेंटर युवाओं को रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पीपुल्स एलाइंस के शाहरुख अहमद ने अल्लामा इक़बाल के शायरी से मुखातिब होते हुए कहा कि “हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा”।
पूर्वांचल के सर सैयद डॉ अब्दल बारी साहब एक अज़ीम शख्शियत का हमारे बीच से जाना बहुत दुःखद है। नब्बे साल की उम्र में भी अकलियतों की शिक्षा के लिए जंग लड़ते रहे, हमारे लिए वो प्रेरणास्रोत हैं।शिक्षा जगत में आपका योगदान कभी न भूलने वाला है।हम इस दुःख भरी घड़ी में डॉ बारी के परिवार के साथ खड़े हैं।

अज़ीमुश्शान फ़ारूक़ी ने कहा महान शख्शियत डॉ खान का हमारे बीच से जाना बहुत अफसोसनाक है।शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किया कार्य बहुत महत्वपूर्ण है।

पीपुल्स एलाइंस डॉ अब्दुल बारी खान के परिवार में इस दुःख की घड़ी में साथ है।डॉ खान का पूर्वांचल में शिक्षा के लिए दिया हुआ योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।उनके निधन पर क्षेत्रवासी और शिक्षा जगत में शोक है।

द्वारा जारी-
शाहरुख अहमद
पीपल्स एलाइंस
9455944411

हाईस्कूल में हसीबुल्लाह व इंटरमीडिएट में जमीला खातून ने किया कॉलेज टॉप

इटवा/सिद्धार्थनगर-
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित यूपी बोर्ड हाइस्कूल व इंटरमीडिएट रिजल्ट 2020 आज दोपहर घोषित कर दिया गया जिसमें इटवा नगर पंचायत स्थित अल फारूक इण्टर कॉलेज का रिजल्ट 100% रहा जिसमें हाइस्कूल में पंजीकृत 123 बच्चों ने व इंटरमीडिएट में 85 बच्चे पंजीकृत थे जिसमें सभी बच्चें सफल रहे

हाई स्कूल

हाईस्कूल का छात्र हसीबुल्लाह पुत्र हाफिजुल्लाह नें 600 में 532 अंक हासिल कर 88.67% अंकों के साथ कॉलेज में पहला स्थान प्राप्त किया,दूसरा स्थान आफरीन पुत्री अब्दुल अजीज व तीसरा स्थान मोहम्मद इसहाक पुत्र मंज़ूर अली ने हासिल किया।

इंटरमीडिएट
इंटरमीडिएट की छात्रा जमीला खातून पुत्री मोहम्मद हई ने 500 में 382 अंक हासिल कर 76.4 % अंकों के साथ कॉलेज में पहला स्थान प्राप्त किया,दूसरा स्थान तरन्नुम बुशरा पुत्री मोहम्मद याक़ूब व तीसरा स्थान अंबरीन अरशद पुत्री अरशद जमाल ने हाशिल किया।


सभी बच्चों की सफलता पर कॉलेज प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद मदनी , उप प्रबंधक मौलाना मोईन मदनीडॉक्टर मोहम्मद ईशा प्रधानाचार्य उबैदुर रहमानमोहम्मद इकराम खान ,उस्मान अली,लुकमान गनी,व समस्त अध्यापकों ,ने सभी सफल बच्चों की उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से दवा विक्रेता समिति इकाई इटवा ने अपनी सदस्यता समाप्त की

इटवा- सिद्धार्थनगर

दवा व्यवसायियों के हितों के लिए बने केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट असोसिएशन से इटवा यूनिट ने खुद को अलग करते हुए असोसिएशन पर निष्क्रिय एंव उद्देश्य विहीन होने के बड़े आरोप लगाए। इटवा यूनिट के द्वारा दिये गए पत्र के अनुसार दवा विक्रेताओं की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बनी संघठन निष्क्रिय हो चुकी है। इसलिए यूनिट का इस संगठन में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

कोरोना और लॉकडाउन के बाद आयेगी डिजिटल क्रांति – अहमद सुहेल

इन दिनों कोविड-19 यानि कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया मे कोहराम मचा रखा है। साल 1918 और 1920 कि बीच इन्फ्लूएंजा नामक फ्लू ने दुनिया की लगभग एक तिहाही आबादी को अपनी चपेट में ले लिया था जिसमे करीब 2 से 5 करोड़ लोगो की मौत हुई थी। तकरीबन 100 साल के बाद आज फिर एक बार पूरी दुनिया कोविड-19 जैसी खतरनाक वैश्विक महामारी से जूझ रही है जिसके चलते सभी देशों ने लॉकडाउन लागू कर रखा है। नौजवान पीढ़ी स्वतंत्रता आंदोलन, नेशनल इमरजेंसी और माहमारीयों से देश मे आये संकट के बारे में केवल किताबों में पढ़ते थे। लेकिन आज हम इस वैश्विक महामारी से लड़ रहे हैं। 21वीं सदी की पीढ़ी के लिए यह एक बेहद अनोखा और नया अनुभव है। लॉकडाउन का सबसे ज़्यादा असर कारोबार पर पड़ा है, राशन की दुकानें, मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पम्प को छोड़ सभी कारोबार बंद है ऐसे में दुनिया भर में 95℅ से ज़्यादा लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इस वैश्विक महामारी का अब तक कोई स्थाई उपाय नही निकला है। सोशल डिस्टेंसिंग यानी सामाजिक दूरी को ही अब तक कोरोना का बचाव और इलाज माना गया है।

सामाजिक दूरी का यह चलन अगले 1 से 2 वर्षों तक रहेगा ऐसे में सभी तरह के कारोबार के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को संचालित करना एक चुनौती होगी। लेकिन राहत देने वाली बात यह कि आज दुनिया भर में 4जी नेटवर्क के साथ इंटरनेट मौजूद है कही कही 5जी नेटवर्क की बाते भी सुनने में आने लगी है। कोरोना, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के कारण अगले कुछ समय मे ऑनलाइन ट्रेडिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन एजुकेशन, ऑनलाइन बैंकिंग, क्रिप्टो करेंसी, डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग आदि का चलन बढ़ेगा। कुल मिलाकर पूरी दुनिया में डिजिटल क्रांति का बिगुल बजेगा। पारंपरिक तरीके से बिजनेस करने वाले लोगो को भी समय के साथ बदलना होगा जैसे, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए विभिन पोर्टलों जैसे phoneपे, गूगल-पे, पेटीएम आदि से जुड़ना होगा अन्यथा डिजिटल क्रांति के युग मे उनका व्यापार निश्चित तौर पर प्रभावित होगा।

ग्रासरी, किचन अप्लिकेन्ट्स, डेली नीड्स, रेडीमेड गारमेंट्स, स्पोर्ट, बुक्स एंड स्टेशनरी, होम डेकोर, पर्सनल केयर आदि से जुड़े कारोबारियों को अपने आउटलेटस के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से भी जुड़ना होगा या यूं कहें कि कोरोना के साथ हमे जीना सीखना होगा। क्योंकि कोविड-19 का भय इतनी आसानी से नही खत्म होगा। कोरोना और लॉकडाउन के बीच परवान चढ़ने वाली डिजिटल क्रांति में सबसे पहले स्कूल और कॉलेजों ने क़दम रखा है कई स्कूलों ने लॉकडाउन के पीरियड में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की हैं। एक अख़बार में छपी खबर के मुताबिक़ इग्नू के कुलपति प्रो० नागेश्वर राव ने कहा कि हमारे शिक्षकों और अन्य स्टाफ ने बेहद प्रभावी तकनीक का उपयोग करके शिक्षार्थियों तक पहुंचने के लिए लॉकडाउन के इस अवसर का उपयोग किया है। फेसबुक लाइव समेत विभिन्न ऑनलाइन माध्यम को अपना कर सैकडों छात्रों के साथ ही 10 लाख दर्शकों तक पहुंचे हैं। एक महीने के इस कार्यकाल में लगातार छात्रों को ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था से जोड़े रखा है। छात्रों को रेडियो के माधयम से भी कक्षाओं से जोड़े रखा। 

हमारे यहां यह कहावत काफी प्रचलित है कि ‘प्रत्येक चुनौती अपने साथ कुछ नए अवसर भी लाती है’ जरूरत है कोरोना और लॉकडाउन जैसी चुनौती के कारण पैदा हुए अवसर को पहचानने और उनका लाभ उठाने की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बहुत से स्कूल, कॉलेज, विश्विद्यालय, कम्प्यूटर इंस्टीट्यूट, कोचिंग इंस्टीट्यूट, आईटीआई ट्रेनिंग सेंटर्स और भी बहुत से शैक्षिक संस्थान ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का प्लान कर रहे हैं सभी शिक्षण संस्थान इस बात की योजना बना रहे हैं कि शिक्षण और परीक्षण का कौन सा भाग ऑनलाइन संचालित किया जा सकता है और कौन सा नही। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोरोना वायरस बाधक न बने इसका भरसक प्रयास किया जा रहा है। डिजिटल क्रांति से जहां एक तरफ आप इस खतरनाक बीमारी ने बचेंगे वही दूरी तरफ ट्रांसपोटेशन में लगने वाले समय और धन की भी बचत करेंगे। तो तैयार हो जाइए डिजिटल क्रांति की दुनिया से क़दम ताल करने के लिए।

अहमद सुहेल

(लेखक पूर्वांचल साहित्य महोत्सव के संस्थापक और एडवर्टाइज़िंग एवं डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट हैं)

3 माह तक स्कूल फीस व बिजली बिल माफ करे यूपी सरकार- जमील खान

देश में कोरोना महामारी की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन है, लोगों के कारोबार बंद हैं, लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, लोगों को परिवार चलाने का संकट है, ऎसे समय प्रदेश में निजी स्कूलों के मालिक अभिभावकों से फीस के लिए लगातार मैसेज व दबाव बना रहे हैं जो सरासर ग़लत है। ऐसी शिकायतें भी आ रही हैं कि स्कूल किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को बुकसेलर का नाम बता रही है, जिससे मोटा कमीशन कमाया जा सके। सरकार संकट के समय में बच्चों की 3 माह की फीस माफ करे, साथ ही कमर्शियल एवं घरेलू बिजली के 3 माह के बिलों को भी सरकार माफ करे।

प्रदेश में जितने भी प्राइवेट स्कूल हैं, उन्हें यह निर्देशित किया जाए कि वे अगले 3 महीनों तक स्कूलों की फीस माफ करें। निजी स्कूल जो फीस को लेकर अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं उन्हें रोका जाए। बंदी की वजह से लोगों के सामने परिवार चलाने का संकट है और इस समय बिजली का बिल व बच्चों की फीस जमा कर पाने में परेशानी होगी।
ऑनलाइन ट्रेनिंग के नाम पर व्हाट्सएप द्वारा शिक्षा मात्र एक छलावा-
प्रशासन द्वारा स्कूलों को ऑनलाइन ट्रैनिंग के लिए निर्देश दिया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप बना कर नोट्स शेयर कर अपनी ज़िम्मेदारी से छुटकारा पा जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिन छात्रों को स्कूलों में रेगुलर पढ़ाने के बाद भी ट्यूशन करवाना पड़ता था वो व्हाट्सएप पर लिखे हुए नोट्स से क्या समझेंगे! ऑनलाइन स्कूलिंग एक अच्छा विकल्प है सरकार इसको बढ़ावा दे, परंतु जो गरीब छात्र जिनके पास टेबलेट या स्मार्टफोन नहीं है उनके लिए भी सरकार समुचित व्यवस्था करे जिससे वो अपनी पढ़ाई में पीछे न रह जाएं।
प्रशासन को चाहिए कि सेंट्रलाइज्ड स्टडी मैटेरियल्स और ऑनलाइन शिक्षण तकनीक विकसित कर स्कूलों को दे जिसका प्रयोग कर स्कूल अपने छात्रों को ऑनलाइन स्कूलिंग करवा सकें। व्हाट्सएप की ये पढ़ाई छात्रों के लिए सिर्फ धोखा है।

यह बातें आम आदमी पार्टी के सिद्धार्थनगर जिला उपाध्यक्ष अहसन जमील ने लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कही हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की है कि सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें और घर से बाहर न निकलें और लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें।

यूथ फाउंडेशन, सिद्धार्थनगर के द्वारा बिना भेद-भाव के ज़रूरतमन्दों तक पहुंचाई जा रही राशन व मेडिकल सहायता

इटवा, सिद्धार्थनगर में यूथ फाउंडेशन सिद्धार्थनगर द्वारा लॉक डाउन के प्रथम दिवस से ही इस आपात स्थिति व अफरा तफरी के माहौल में भोजन व राशन वितरण किया जा रहा है।

यूथ फाउंडेशन सिद्धार्थनगर के सचिव फजलू खान संवाददाता को बताया कि आज शहर औऱ प्रदेश में कोरोना की मार पड़ रही है, सभी को इससे बहुत सतर्क रहने की ज़रूरत है और यूथ फाउंडेशन, सिद्धार्थनगर व People’s Alliance व अन्य सामाजिक संस्थाएं हिन्दू मुस्लिम सिख बौद्ध ईसाई समाज की सभी संस्थाएं इस मौके पर एक जुट नज़र आ रही हैं।

संस्था के प्रेस सचिव नसीम अहमद का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में सब बिना भेद भाव राहत के बहाने ही मोहब्बत के पैग़ाम को आम कर रहे हैं। हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी चेहरे एक नज़र आ रहे हैं। सभी को सब परेशान और ज़रूरतमंदों की फिक्र है। ऐसे कामो को और करना चाहिए ताकि मोहब्बतों का पैग़ाम आम हो। इस कार्य को करने में सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।

यूथ फाउंडेशन के अध्यक्ष अहसन जमील ने बताया कि संस्था ने हेल्पलाइन नंबर 9833539524 जारी किया है जिसपर जानकारी मिलने के बाद संस्था के साथी यताशीघ्र सहायत पहुंचाते हैं। संस्था ने हेल्पलाइन नंबर के द्वारा सिद्धार्थनगर के सैंकड़ों लोगों को लखनऊ, मुम्बई व अन्य जगहों पर भी अपने सहयोगियों से राशन व मेडिकल मदद पहुंचा रही है।

डुमरियागंज में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ  एसडीएम कार्यालय पर धरना, दिया गया ज्ञापन

रिहाई मंच ने राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी डुमरियागंज को सौंपा। इस अवसर पर वक्ताओं ने व्यापक जन विरोध के बावजूद विवादास्पद और विभाजनकारी नागरिकता संशोधन विधेयक को बहुमत के नशे में लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराए जाने को सत्ता अहंकार और जन भावनाओं का निरादर बताया। वक्ताओं ने कहा कि देश की बहुसंख्य जनता इस विधेयक के खिलाफ है। गृह मंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा में विधेयक पेश करते हुए गलत तथ्य प्रस्तुत किया और इस तरह सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई। अमित शाह ने कहा कि पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न के चलते आए लाखों-करोड़ों लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं, उनके पास मतदान का भी अधिकार नहीं है, विधेयक पारित होने के बाद वे सम्मान का जीवन जी सकेंगे। जबकि संख्या सम्बंधी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। मतलब कि अमित शाह ने जो कहा, वह पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। बलात्कार की घटनाओं को लेकर पूरा देश आंदोलित है और भारत महिलओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में शामिल हो गया है। अमरीका और ब्रिटेन ने महिला सैलानियों को भारत न आने की एडवाइज़री तक जारी कर दी है लेकिन इस सरकार की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा शामिल नहीं है। गृहमंत्री को उस पर चर्चा पसंद नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि यह संशोधन विधेयक सावरकर और जिन्ना के दो राष्ट्र के सिद्धान्त को दोहराने जैसा है। वर्तमान सत्ता जनता से जुड़े हर मोर्चे पर असफल है इसलिए वह जनता का ध्यान आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ आदि ज्वलंत मुद्दों से हटाना चाहती है। साथ ही अपने मनुवादी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए देश के भूमिहीन, गरीब, वंचित, मज़दूर, अनपढ़ आबादी को दस्तावेज़ों के अभाव में विदेशी घोषित कर अल्पसंख्यकों को डिटेंशन कैम्पों में डाल देना चाहती है। बहुजन आबादी को दया का पात्र मानते हुए नागरिकता देकर आरक्षण और संविधान प्रदत्त अन्य सुविधाओं से वंचित कर देना चाहती है। संविधान धार्मिक आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता। स्वतंत्र भारत में राज्यों की सीमा निर्धारण के समय भी धार्मिक आधार को खारिज किया गया था। भाजपा ने इस विवादास्पद विधेयक के पारित करवाने की ज़िद बांधकर व्यावहारिक रूप से संविधान की प्रस्तावना को ही फाड़ने का काम किया है।

इस अवसर पर रिहाई मंच कार्यकारी संयोजक शाहरुख अहमद, अज़ीमुश्शान फारूकी, ओसामा, सचिदानंद पांडेय, रियाज़ खान, जहीर मलिक,अफ़रोज़ खान, सरताज फारूकी, अफ़रोज़ मलिक, अबूबकर मलिक,इरफान मिर्जा,आबिद अली, इकराम खान, दिलशाद खान,नौशाद मलिक, अजहर फारूकी,जावेद,हेशाम,उसमान,तौफीक,हफीज, जावेद,कैफ, जुनैद खान आदि उपस्थित थे।

पूर्वांचल साहित्य महोत्सव के तृतीय संस्करण का लोगो लॉन्च, 21 दिसम्बर को राजधानी लखनऊ में होगा भव्य आयोजन

शनिवार को डुमरियागंज के मिठास कैफ़े में पूर्वांचल साहित्य महोत्सव के तृतीय संस्करण के आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (लोगो) का विमोचन उप जिलाधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार के हाथों से हुआ।

संस्थापक अहमद सुहेल एवं अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। ततपश्चात वरिष्ठ पत्रकार अजय श्रीवास्तव, पप्पू रिज़वी, आलोक श्रीवास्तव, डॉ० वासिफ़ फ़ारूक़ी आदि ने प्रतीक चिन्ह प्रदर्शित कर महोत्सव के तृतीय संस्कारण की तिथि की घोषणा की। एसडीएम त्रिभुवन कुमार ने कहा यह मेरे लिए गर्व की बात है हमारे तहसील क्षेत्र से जुड़े हुए लोग राजधानी लखनऊ में इतना बड़ा आयोजन कर रहे हैं उन्होंने आयोजन समिति के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं भी दी।

इस वर्ष यह आयोजन 21 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में हो रहा है जिसमे साहित्यजगत की कई महान विभूतियों का आगमन हो रहा है।

आयोजन समिति के पदाधिकारी गुलज़ार अहमद, राजेश पाण्डेय, क़ाज़ी रहमतुल्लाह, रवींद्र गुप्ता, अहसन जमील आदि ने सभी पत्रकार बन्धुओ का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर रघुनंदन पाण्डेय, राजेश यादव, इंतेज़ार रिज़वी, असग़र जमील, अब्बास रिज़वी, महफूज़ रिज़वी, वसीम पंजतन, इरफ़ान रिज़वी, असग़र रिज़वी सहित दर्जनों लोगों उपस्थित रहे।

उपजिलाधिकारी डुमरियागंज ने किया विपणन गोदाम का निरीक्षण, किया कार्यवाही

आज दिनांक 23 नवंबर सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत विपणन गोदाम ब्लॉक फुनिया भनवापुर की राशन की जांच की गई ।मौके पर विपणन अधिकारी उपस्थित मिले ।

निम्न कार्रवाई की गई——-
(१) प्रत्येक विपणन गोदाम में स्थित कांटा खराब पाया गया। जिसमें तौल कर कोटेदारों को राशन दिया जाना है ।विपणन अधिकारी को आदेशित किया गया है कि कांटे को ठीक करें और तौल कर ही राशन कोटेदारों को दें। अगर शिकायत मिली कि कोटेदारों को कम राशन गोदाम से मिला है तो विपणन अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी ।साथ ही पूर्ति निरीक्षक को भी निर्देशित किया गया कि अपने सामने तौलवा कर कोटेदारों को राशन दिलवाए।
(२) गेहूं और चावल की बोरियों को गिना गया ।अभी तक संपूर्ण राशन गोदाम में शासन से प्राप्त नहीं हुआ है। विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि दो दिवस के अंदर शासन से प्राप्त होने पर गोदाम में संरक्षित रखें ।नवीन राशन का पुनः सत्यापन किया जाएगा ।
(३) पूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि समस्त कोटेदार बाट माप तौल अधिकारी से अपने तराजू को सत्यापित करें और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में ही राशन उठाया जाए।
(4) समस्त लेखपाल , कानूनगो एवं ब्लॉक के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि सत्यापन के नाम पर यदि अवैध वसूली हुई तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पर्यवेक्षण अधिकारी की जिम्मेदारी है की कार्ड धारकों को मानक के अनुसार एवं निर्धारित मूल्य पर राशन वितरित कराए ।यदि कोटेदार कोई गड़बड़ी करता है तो रिपोर्ट करें कोटेदार के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।??